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कांग्रेस कार्यसमिति का पुनर्गठन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने पार्टी कार्यसमिति का पुनर्गठन किया है. उन्होंने कई पुराने नेताओं को कार्यसमिति से अलग करते हुए 23 नए सदस्य शामिल किए हैं. केंद्र में सरकार बनाने के बाद से ही कांग्रेस संगठन में परिवर्तन की चर्चा चल रही थी. नई कार्यसमिति में के करुणाकरण, आरके धवन, मोहसिना किदवई और वायलार रवि को नहीं रखा गया है. जबकि पूर्व मुख्यमंत्रियों दिग्विजय सिंह और अशोक गहलोत को महासचिव बनाया गया है. लोकसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले सत्यव्रत चतुर्वेदी और मार्गरेट अल्वा को भी महासचिव का पद दिया गया है.
जिन नए लोगों को कार्यसमिति में शामिल किया गया है उनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया और विनोद शर्मा हैं. अर्जुन सिंह, अंबिका सोनी, नटवर सिंह, अहमद पटेल, प्रणव मुखर्जी और सलमान ख़र्शीद को कार्यसमिति में बने रहेंगे. अजीत जोगी को कार्यसमिति के स्थाई आमंत्रितों की सूची में रखा गया है. इस परिवर्तन से पहले चर्चा थी कि राहुल गाँधी को भी कार्यसमिति में शामिल किया जा सकता है लेकिन उनका नाम नई सूची में नहीं है. ज़िम्मेदारी महासचिवों के बीच कार्य विभाजन भी कर दिया गया है. सूची के अनुसार दिग्विजय सिंह, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा और असम के प्रभारी होंगे, अशोक गहलोत दिल्ली और कांग्रेस संगठनों की ज़िम्मेदारी संभालेंगे. मार्गरेट अल्वा को महाराष्ट्र की ज़िम्मेदारी दी गई है तो मुकुल वासनिक को गुजराज, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण प्रदेशों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. कार्यसमिति से हटाए गए वायलार रवि को राज्यसभा के उपसभापति का पद दिए जाने की चर्चा है जबकि आरके धवन अगले मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री बनाया जा सकता है. |
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