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भारत-पाक की चर्चा 28 जुलाई से | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की अगस्त में होने वाली बैठक से पहले दोनो देशों के अधिकारियों के बीच कई स्तर पर बातचीत होगी. अगले छह हफ़्ते में दिल्ली और इस्लामाबाद में अधिकारियों के बीच कश्मीर समेत विभिन्न मुद्दों पर छह बार चर्चा होगी. भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद क़सूरी 25 अगस्त को इस्लामाबाद में मिलेंगे और दोनो देशों के बीच चल रही पूरी बातचीत का जायज़ा लेंगे. ये जानकारी इस्लामाबाद में एक बयान में दी गई है और साथ ही ये भी घोषणा की गई है कि इससे पहले दोनो पक्षों में बातचीत होगी. इन बैठकों में 28-29 जुलाई से 11-12 अगस्त तक वूलर बैराज, सियाचिन ग्लेशियर, सर क्रीक, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी. वूलर बैराज जेलम नदी पर 1984 में भारत की बनाए एक परियोजना है लेकिन पाकिस्तान का कहना है कि इससे भारत और पाकिस्तान के बीच एक पुरानी संधी का उल्लंघन होता है. सियाचिन ग्लेशियर और सर क्रीक दोनो ही सीमा विवाद से संबंधित मुद्दे हैं. विदेश मंत्रियों की बैठक से एक दिन पहले 24 अगस्त को भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की बैठक होगी. भारत और पाकिस्तान इससे पहले दो चरण की बातचीत कर चुके हैं और दोनो देशों ने तय किया है कि वे मिसाइल परीक्षण करने से पहले एक-दूसरे को सूचना देंगे. दोनो देश अपने दूतावास में कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाने पर सहमत हैं. फ़िलहाल दोनो पक्षों ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि इस बातचीत में भारतीय शासन का विरोध कर रहे कश्मीरी अलगाववादियों को शामिल किया जाएगा या नहीं. |
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