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वाजपेयी ने जो कहा, वो मज़ाक था | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह की कमी और हाई-टेक चुनाव प्रचार के कारण पार्टी को आम लोगों का समर्थन नहीं मिला. मुंबई में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आख़िरी दिन अपने संबोधन में वाजपेयी ने कहा कि बुधवार की रात एक कार्यक्रम के दौरान उनका बयान एक 'मजाक' था. बुधवार को मुंबई में ही एक पुस्तक विमोचन के दौरान कार्यकर्ताओं के नारे के जवाब में वाजपेयी ने मराठी में कहा था- 'अब और नहीं, बहुत हो गया.' उत्साह की कमी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाषण देते हुए वाजपेयी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह की कमी थी. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से चुनाव प्रचार आम लोगों तक पार्टी की भावनाएँ पहुँचाने में विफल रहा. वाजपेयी ने स्थानीय नेताओं के स्तर पर भी लोगों से संपर्क में नाकामी का उल्लेख किया. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य सत्ता हासिल करना नहीं बल्कि भारत को ऊँचे स्थान पर ले जाना है. वाजपेयी ने कहा, "हमारा मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है और हमें उस दिशा में काम जारी रखना चाहिए." स्पष्टीकरण बुधवार को वाजपेयी के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने संबंधी अटकलों के बाद पार्टी के स्तर पर भी काफ़ी हलचल शुरू हो गई थी. पार्टी प्रवक्ता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "ये सभी बातें मीडिया में उठाई जा रहीं हैं. वाजपेयी हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं. उन्होंने हमेशा ही पार्टी को दिशा दी है और वे ऐसा करते रहेंगे." वाजपेयी ने भी गुरुवार को पार्टी कार्यकारिणी में बीती रात अपने बयान को एक 'मज़ाक' कहकर अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है. वाजपेयी ने ज़ोर देकर कहा कि पार्टी में 'कुर्सी के लिए कोई संघर्ष नहीं है.' |
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