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दक्षिणी वज़ीरिस्तान में बड़ा अभियान जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की सेना ने अफ़ग़ानिस्तान से लगे सीमावर्ती इलाक़े दक्षिणी वज़ीरिस्तान में विदेशी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ रविवार को भी जारी रखा. इस अभियान में विदेशी चरमपंथियों के स्थानीय समर्थकों को भी निशाना बनाया जा रहा है. पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल शौकत सुल्तान ने बताया कि यह अभियान अब पूरा होने के नज़दीक है. उन्होंने बीबीसी को बताया कि संदिग्ध अल क़ायदा चरमपंथियों के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है और सुरक्षा बल इलाक़े में अपनी स्थिति मज़बूत कर रहे हैं. शौकत सुल्तान ने इन ख़बरों का खंडन किया कि इराक़े में कोई कमांडो मारे गए या पकड़े गए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना में सिर्फ़ कुछ ही जवान हताहत हुए हैं और अभियान में मारे गए चरमपंथियों की संख्या के बारे में तमाम मलबा हटाए जाने के बाद ही सही तौर पर पता चल पाएगा. बड़ा अभियान शुक्रवार को इस अभियान में कई संदिग्ध अल क़ायदा लड़ाके मारे गए थे.
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि रविवार को इस अभियान के पाँचवें दिन हेलिकॉप्टरों के ज़रिए तोपों और बमों से हमला किया गया और दक्षिणी वज़ीरिस्तान के मनदाता गाँव में संदिग्ध चरमपंथियों के कई ठिकानों को विध्वस्त किया गया. एक स्थानीय पत्रकार ने बीबीसी को बताया कि इस अभियान में रविवार के अभियान में एफ़-7 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल नहीं किया गया जैसाकि पहले के दिनों में किया गया था. पत्रकार का कहना था कि रविवार को लड़ाई कुछ धीमी रही और सेना को चरमपंथियों की तरफ़ से कोई कड़ा मुक़ाबला नहीं मिला. एक स्थानीय निवासी कूदा जान ने पत्रकार को बताया कि पाकिस्तानी सेना ने इलाक़े की घेराबंदी की हुई है, यहाँ तक कि घायलों को अस्पताल ले जाने की भी इजाज़त नहीं दी गई. स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाक़े में बिजली भी नहीं है और लोगों को पीने के पानी की भी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच जिन अफ़ग़ान शरणार्थियों को 72 घंटे के अंदर इलाक़ा छोड़ने का नोटिस दिया गया था वे अभी अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. |
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