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अमरीकी फ़ौजों ने तालेबान लड़ाकू मारे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी नेतृत्व वाली फ़ौजों ने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में हुए एक संघर्ष में 17 तालेबान लड़ाकुओं को मार दिया है. अमरीकी सेना की एक प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी दी. कंधार में अफ़ग़ान सैनिकों के साथ पिछले एक साल में ये सबसे भयानक कार्रवाई थी. अफ़ग़ान अधिकारियों का कहना है कि मारे गए सभी तालेबान के लड़ाकू थे. इस कार्रवाई में अमरीका के तीन मरीन सैनिक भी घायल हुए हैं. अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के लगभग 20,000 सैनिक हैं और उसका संकल्प है कि अफ़ग़ान सरकार के विरुद्ध सर उठाने वाली ताक़तों को कुचल दिया जाएगा. अफ़ग़ान अधिकारियों ने बताया कि ये संघर्ष उस समय हुआ जब कंधार प्रांत के मिआना शिएन प्रांत में अमरीकी विमानों की मदद से अमरीकी और अफ़ग़ान सैनिकों ने बुधवार को अभियान शुरू किया. बड़ा संघर्ष कंधार प्रांत के की सरकार के प्रवक्ता ख़ालिद पश्तून ने कहा कि लगभग 300 अफ़ग़ान सैनिकों और बड़ी संख्या में अमरीकी सैनिकों ने इस अभियान में हिस्सा लिया. पिछले साल अगस्त में पड़ोस के ज़ाबुल प्रांत में हुई कार्रवाई के बाद ये सबसे बड़ी कार्रवाई है. उस कार्रवाई में लगभग 100 तालेबान लड़ाकू मारे गए थे. इससे पहले पश्चिमोत्तर अफ़ग़ानिस्तान में हुए एक हमले में पाँच सहायताकर्मी मारे गए थे और तालेबान ने उसकी ज़िम्मेदारी ली थी. पिछले कुछ समय से तालेबान लड़ाकुओं की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं और उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई की सरकार को उखाड़ फ़ेंकने का संकल्प लिया है. |
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