|
न्यूनतम साझा कार्यक्रम को वामपंथी दलों की सहमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कुछ मतभेदों के बावजूद वामपंथी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमत हो गए हैं. इस न्यूनतम साझा कार्यक्रम को गुरुवार को जारी किया जा रहा है. बुधवार को प्रधानमंत्री के निवास पर सभी सहयोगी दलों की चार घंटे चली बैठक के बाद न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमति बनी. इस बैठक में कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) का अध्यक्ष चुन लिया गया. इस बैठक के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने कहा, "हालाँकि न्यूनतम साझा कार्यक्रम के कुछ मुद्दों पर वामपंथी दलों की असहमति है लेकिन इसके बावजूद वाम दलों ने कार्यक्रम को समर्थन देने का फ़ैसला किया है." उन्होंने यह नहीं बताया कि किन मुद्दों पर वामपंथी दल असहमत हैं. उल्लेखनीय है कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर बाक़ी सहयोगी दल पहले ही सहमति जता चुके थे और इस पर सिर्फ़ वामपंथी दलों की सहमति शेष थी. सीताराम येचुरी ने बताया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन का संयोजक और प्रवक्ता चुनने की ज़िम्मेदारी सोनिया गाँधी पर छोड़ दी है. बुधवार की शाम हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी, वामपंथी नेता हरिकिशन सिंह सुरजीत, एबी बर्धन, सीताराम येचुरी, लालू प्रसाद यादव, रामविलास पासवान सहित गठबंधन के लगभग सभी नेता मौजूद थे. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||