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नई सरकार का न्यूनतम साझा कार्यक्रम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ने आतंकवाद निरोधक कानून पोटा को रद्द करने, तेल और बिजली के क्षेत्र की कंपनियों का निजीकरण नहीं करने और शिक्षा को भगवाकरण के असर से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है. गठबंधन ने साझा न्यूनतम कार्यक्रम के मसौदे में छह बुनियादी सिद्धान्तों पर काम करने की बात कही है. 1. इसमें सामाजिक सदभाव बनाए ऱखने के लिए सभी साम्प्रदायिक तत्वों से निपटने के लिए बिना भय या पक्षपात के कानून को लागू करने की बात है. 2. साथ ही आर्थिक विकास की दर प्रतिवर्ष सात से आठ प्रतिशत बनाए रखकर रोज़गार के अवसर पैदा किए जायेंगे ताकि हरेक परिवार को सुरक्षित और अच्छे जीवनयापन का अवसर मिल सके. 3. ग्रामीण विकास पर ध्यान देकर किसानों और खेतिहर मज़दूरों की भलाई के अवसर बढ़ाए जायेंगे. 4. महिलाओं को राजनीतिक, शैक्षिक, आर्थिक और कानूनी दृष्टि से मज़बूत बनाकर महिला सशक्तिकरण. 5. दलितों, आदिवासियों और अन्य पिछड़े वर्गों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को समानता के सारे अवसर प्रदान किए जायेंगे. और 6. आर्थिक नवोत्थान के ज़रिए उद्यमियों, व्यापारियों, वैज्ञानिकों और समाज के सभी विशेषज्ञों की क्षमता का उचित उपयोग किया जायेगा. रक्षा क्षेत्र संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ने आतंकवाद निरोधक कानून पोटा को रद्द करने और सुरक्षा बलों के नवीनीकरण पर विशेष ध्यान देने की बात कही है. इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा समिति में सुधार होगा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया जाएगा. विदेश नीति सरकार दक्षिण एशिया में अपने पड़ोसी देशों के साथ निकट राजनीतिक, आर्थिक और अन्य संबंध विकसित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. पड़ोसी देशों के साथ बेहतर रिश्ते क़ायम करने के लिए हर संभव क़दम उठाए जायेंगे. पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता जारी रहेगी. चीन के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाया जाएगा. श्रीलंका में चल रहे शांति प्रयासों का सरकार समर्थन करेगी. नई सरकार अमरीका के साथ निकट संबंध बनाए रखते हुए भी सभी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारतीय विदेश नीति की स्वतंत्र सोच क़ायम रखेगी और पूर्वी एशियाई देशों के साथ संबंध बेहतर करने की दिशा में क़दम उठाए जाएंगे. सभी विश्व व्यापार वार्ताओं में राष्ट्रीय हित, ख़ासकर किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रखे जायेंगे. रोज़गार
डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार बेरोजगारी की समस्या का मुकाबला करने के लिये तत्काल राष्ट्रीय रोजगार गांरटी अधिनियम पारित कराएगी. संप्रग के न्यूनतम साझा कार्यक्रम के अनुसार इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में कम से कम 100 दिन के रोजगार की गांरटी दी जाएगी. इसमें ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक परिवार को सार्वजनिक परिसिम्पत्तियों के सृजन के कामों पर कम से कम न्यूनतम वेतन पर वर्ष में 100 दिन के रोजगार की कानून गांरटी होगी1 असंगठित क्षेत्र में रोजगार को बढावा देने के लिये इस क्षेत्र की समस्याओं के अध्ययन के लिये एक राष्ट्रीय आयोग बिठाया जाएगा. आयोग इस क्षेत्र को तकनीक. विपणन और त्रृण सहायता देने के बारे में उचित सुझाव देगा तथा इसके लिये एक राष्ट्रीय कोष बनाया जाएगा. कृषि सरकार कृषि क्षेत्र में अधिक सरकारी निवेश और सिंचाई के साधन बढ़ाने की बात कही गई है.सरकार खेतिहर मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी दिलाने के लिए कडे उपाय करेगी. किसानों पर कर्जो का बोझ कम करने और कम ब्याज पर रिण उपलब्ध कराने और उनकी उपज का लाभप्रद मूल्य दिलाये जाने का निश्चय भी किया गया है. कृषि क्षेत्र को कर्जे की धनराशि तीन वर्षो में दुगना करने का लक्ष्य रखा गया हैं. फसल बीमा का विस्तार किया जायेगा. खाद्यान्न की सरकारी खरीद और उनके विपणन के क्षेत्र में गरीब किसानों के हितों की रक्षा के लिए विशेष उपाय किये जायेगें. ऐसे उपबंध जिससे किसानों की आय कम होती है खत्म कर दिये जायेगें तथा सहकारी संस्थाओं को लोकतांत्रिक एवं स्वायत्तशासी बनाया जायेगा. उद्योग औद्योगिक विकास और निजी निवेश बढ़ाने के लिए समुचित क़दम, खाद्य, कपड़ा, इंजीनियरिंग , आई टी हार्डवेयर जैसे क्षेत्रों का विकास. सरकारी बैंकों को पूरी स्वायतत्ता दी जाएगी. सार्वजनिक क्षेत्र विनिवेश मसले पर वामपंथी दलों को खुश करने के लिये इसमें साफ किया गया है कि तेल और बिजली क्षेत्र की कंपनियों को बेचा नहीं जायेगा. इसमें स्पष्ट रुप से कहा गया है आठ कंपनियां सरकारी नियंत्रण में ही रहेंगी. इनके नाम हैं ओएनजीसी, इंडियन आयल लिमिटेड, एचपीसीएल, बीपीसीएल, गेल, एनटीपीसी, सेल और भेल. शिक्षा, स्वास्थ्य गठबंधन सरकार शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद का छह प्रतिशत हिस्सा खर्च करने तथा इसका आधा हिस्सा प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा पर व्यय करेगी. सरकार शिक्षा का भगवाकरण करने के लिये पांच वर्ष में उठाये गये कदमों को उलटने के तत्काल प्रयास शुरु करेगी. सरकार भारतीय प्रबंध संस्थान जैसी उच्च शिक्षा के संस्थानों को पूरी स्वायत्ता प्रदान करेगी और ऐसे क़दम उठाएगी जिससे कोई भी उच्च शिक्षा ग्रहण करने से वंचित नहीं रहने पाये. स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सकल घरेलू उत्पाद का भाग बढ़ाकर दो प्रतिशत कर दिया जाएगा. ग़रीब परिवारों के स्वास्थ्य बीमा तथा माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. अल्पसंख्यकों का हित अयोध्या मसले पर गठबंधन सरकार अदालत के फैसले का इंतज़ार करने और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के ज़रिए मसले को सुलझाने को बढ़ावा देगी. सांप्रदायिक हिंसा से निपटने के लिए एक उपयुक्त कानून लाने और अल्पसंख्यकों के शैक्षिक संस्थानों को केंद्रीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध रखने के लिए अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग गठित करने का आश्वासन दिया गया है. इसके लिए संविधान में संशोधन किया जाएगा. प्रशासनिक सुधार प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन कर सरकारी तंत्र में बदलाव लाए जाएंगे. ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जाएगा और कोर्ट में मामले निपटाने में होने वाली देर को कम करने की कोशिश की जाएगी. राज्यों का विकास राज्य से कर्ज़ का भार उतारने और क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने लिए के लिए उचित उपाय किए जाएंगे. देश के विभिन्न भागों में उठ रही अलग राज्य की मांग पर विचार करने के लिये दूसरा राज्य पुर्नगठन आयोग गठित करने की बात कही गयी है. उल्लेखनीय है कि गठबंधन का एक घटक दल तेलंगाना राष्ट्र समिति पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की मांग कर रहा है. आर्थिक सुधार आर्थिक सुधार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने और कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार के प्रति प्रतिबद्ध. |
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