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भाजपा ने साड़ी प्रकरण से हाथ झाड़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी ने लखनऊ के साड़ी वितरण समारोह से अपने हाथ झाड़ लिए हैं और सारी ज़िम्मेदारी लालजी टंडन पर डाल दी है. भाजपा नेता लालजी टंडन के जन्मदिन पर साड़ी बाँटने के दौरान मची भगदड़ में 21 महिलाएँ और एक बच्चे की मौत हो गई थी. लालजी टंडन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के चुनाव संचालक हुआ करते थे. हालांकि इस बार उन्हें इस ज़िम्मेदारी से भी मुक्त कर दिया है. व्यक्तिगत मामला महासचिव मुख़्तार अब्बास नक़वी और राज्यसभा सांसद बलबीर पुँज ने आज चुनाव आयोग से मिलकर साड़ी प्रकरण पर चुनाव आयोग के नोटिस के बाबत स्पष्टीकरण दिया. अपने स्पष्टीकरण में पार्टी ने कहा कि यह पूरी तरह से व्यक्तिगत मामला है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. चुनाव आयोग ने भाजपा को नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि इस घटना के बाद उनकी मान्यता क्यों रद्द न की जाए. इस बाबत लालजी टंडन के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 171-बी के तहत मामला दर्ज कराया गया है.
चुनाव आयोग से मिलने के बाद पार्टी महासचिव ने पत्रकारों को बताया कि इस मामले को पार्टी से अलग रख कर देखना चाहिए, यह लालजी टंडन का निजी कार्यक्रम था जिसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. सूत्रों के मुताबिक भाजपा के स्पष्टीकरण के बाद आयोग ने कहा है कि इस मामले में समय आने पर उचित कर्रवाई की जाएगी. ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के संसदीय क्षेत्र में हुई इस घटना को कांग्रेस और वामपंथी दलों ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की थी. |
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