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चल पड़ा है सवाल-जवाब का दौर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चुनाव अभियान आगे बढ़ने के साथ ही सवाल जवाब का दौर भी चल पड़ा है. हर पार्टी किसी न किसी घोटाले की तलाश में है जिसे उछालकर लोगों के वोट बटोरे जा सकें. भाजपा ने अगर कांग्रेस के सामने पाँच सवाल रखे तो कांग्रेस ने 'कोयला घोटाले' का उल्लेख किया. कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय श्रम मंत्री साहिब सिंह वर्मा के परिजनों ने बेनामी कंपनी बनाई और एक सरकारी कंपनी का कोयला चोरी से बेचकर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया. सिब्बल ने कहा कि इस मामले से जुड़े दस्तावेज़ उसके पास हैं और ज़रूरत पड़ने पर वे इन्हें सार्वजनिक भी कर सकते हैं. मामला सिर्फ़ यहीं तक नहीं रूका, बात आगे बढ़ी तो बेस्ट बेकरी कांड का मसला उठा और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बर्ख़ास्त करने की माँग भी हुई. सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को 'राजधर्म' का पालन करते हुए मोदी को तत्काल बर्ख़ास्त कर देना चाहिए. इस बीच वामपंथी दलों ने भी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर आरोप लगाया कि वह मुख्यमंत्री मोदी का बचाव करते रहे हैं. पार्टी की माँग थी कि अगर भाजपा में ज़रा सी भी नैतिकता बची हो तो वह मोदी को तत्काल पद से हटा दे. घर लौटे सुखराम इन सबके बीच पूर्व संचार मंत्री और हिमाचल विकास कांग्रेस के नेता सुखराम की 'घर वापसी' हो गई.
वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं. इसी के साथ उनकी पार्टी का भी कांग्रेस में विलय हो गया है. कांग्रेस को एक ब्रीफ़िंग के बाद ये विश्वास नहीं रहता कि उसकी कहीं बात मीडिया उठाएगा भी इसलिए वो एक ही दिन में दो-दो बार मीडिया के सामने अपनी बात रखती है. तो दूसरी बार सामने आए आनंद शर्मा और तब तक लखनऊ में भाजपा नेता लालजी टंडन के जन्मदिवस पर भगदड़ का मसला गर्मा चुका था इसलिए पार्टी को सही समय पर सही मुद्दा मिल गया. पार्टी ने कहा कि टंडन का जन्मदिन इस तरह मनाया जाना और उसमें साड़ियाँ बाँटना चुनाव की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. पार्टी का आरोप है कि प्रधानमंत्री वाजपेयी के चुनाव क्षेत्र में ये सब वोटरों को लुभाने के लिए किया जा रहा है. उधर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी असम में थीं और उन्होंने राजग सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता के बीच 'इंडिया शाइनिंग' का झूठा प्रचार कर रही है. भाजपा के कांग्रेस से सवाल भाजपा ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति के मसले में कांग्रेस से पाँच सवाल पूछे हैं. यहाँ कांग्रेस के पास ये भी विकल्प नहीं है कि वह किन्हीं तीन सवालों के जवाब देकर बच सकती है क्योंकि सभी के जवाब देना अनिवार्य है.
भाजपा प्रवक्ता अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस को अपने 45 वर्ष के शासनकाल की विवेचना भी करनी चाहिए. कांग्रेस से पूछे गए सवालों में जम्मू-कश्मीर का हिस्सा पाकिस्तान के पास जाने और चीन के पास भारत की ज़मीन होने का मसला उठाया गया है. भाजपा का कहना है कि कांग्रेस सुरक्षा की दृष्टि से 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को क्यों नहीं बचा सकी? पार्टी का पूछना है कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में 1980 और देश भर में 90 के दशक में फैलते आतंकवाद को क्यों नहीं रोक सकी? अंतिम सवाल पूर्वोत्तर राज्यों में आतंक और असुरक्षा के मसले को लेकर है. उधर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के संयोजक और रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडिस का कहना है कि ये लोकसभा चुनाव देश की दिशा तय करेगा. पार्टी का कहना है कि राजग का सपना भारत को दुनिया का सबसे विकसित देश बनाने का है. उन्होंने कहा कि लोगों को 'फ़ील गुड, बी गुड और डू गुड' के सिद्धांत पर काम करना चाहिए. |
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