BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 11 अप्रैल, 2004 को 11:34 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
परस्पर धमकियों का सिलसिला जारी
एक विस्थापित
पूर्वी श्रीलंका में संघर्ष शुरू होने के बाद कई लोग घर छोड़कर भागे हैं
श्रीलंका में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम(एलटीटीई) और उससे अलग हुए धड़े के नेता करूणा के बीच धमकियों और आरोपों का सिलसिला जारी है.

इसके मद्देनज़र दोनों गुटों के बीच संघर्ष तेज़ होने की आशंका जताई जा रही है.

कर्नल करूणा के लड़ाकों पर एलटीटीई के मुख्य धड़े के हमले के बाद से ही पूर्वी श्रीलंका में हज़ारों की तादाद में लोग घर छोड़कर भागने लगे हैं.

एलटीटीई विद्रोहियों के प्रमुख नेता प्रभाकरन ने कर्नल करूणा पर तमिलों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है.

वहीं कर्नल करूणा ने कहा है कि एलटीटीई ने इस फूट को अंजाम देकर देश के लिए दुखद इतिहास का रास्ता खोल दिया है.

 हमने कर्नल करूणा को तमिल मातृभूमि से निकालने के लिए एक योजनाबद्ध ऑपरेशन चलाया है.
मुख्यधारा के तमिल टाइगरों का बयान

कर्नल करूणा के प्रवक्ता वराथन ने दावा किया है कि उनके गुट के पास किसी भी तरह के हमले का मुँह-तोड़ जवाब देने के लिए `पर्याप्त आदमी और हथियार' हैं.

हालाँकि उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि अब तक हुए संघर्ष में कर्नल करूणा की फौज के 200 से ज़्यादा लड़ाके या तो गिरफ्तार कर लिए गये हैं या फिर उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है. इसके अलावा 10 मारे गए हैं.

ताज़ा आरोप

ताज़ा आरोपों का सिलसिला उस बयान के बाद शुरू हुआ जिसमें उत्तरी टाइगर गुट ने करूणा के लड़ाकों के अभिभावकों को सलाह दी थी कि वो अपने बच्चों को घर वापस ले जाएँ.

इस बयान में कहा गया था कि एलटीटीई के मुख्य धड़े से निष्कासित कर्नल करूणा लड़ाकों को वापस आने से रोक रहे हैं.

कोलंबो में बीबीसी संवाददाता एना हर्सबर्ग पोर्टर का कहना है कि इस बयान से साफ हो जाता है कि तमिल टाइगर गुटों के बीच टूट कितनी गहरी हो चुकी है.

कर्नल करूणा
करूणा पूर्वी लड़ाकों के साथ हो रहे भेदभाव से नाखुश थे.

कर्नल करूणा ने एक महीने पहले मुख्यधारा एलटीटीई से अलग होकर पूर्वी श्रीलंका में अपना अलग प्रशासन घोषित किया था.

इसका मुख्य कारण उन्होंने एलटीटीई में पूर्वी इलाक़ों के लड़ाकों के साथ हो रहे भेदभाव को बताया था.

फिर इस शुक्रवार को वेरूगल नदी के पास दोनों गुटों के बीच लड़ाई छिड़ गई.

हालाँकि अब कर्नल करूणा की फौज अपने मुख्य स्थान से पीछे हटकर दक्षिण की तरफ चली गई है.

एक सैन्य प्रवक्ता के अनुसार विद्रोही लड़ाकों के हटने के बाद से इलाक़े में शाँति है.

दोनों गुटों के बीच झड़पों में नौ लड़ाके और नौ अन्य लोग मारे गए हैं.

हालाँकि विद्रोही सूत्रों से मिले ये आंकड़े केवल दक्षिण के हैं, उत्तर के नहीं. ऐसे में माना जा रहा है कि मारे गए लोगों की कुल संख्या ज़्यादा हो सकती है.उधर पलायन करने वाले लोगों की मदद के लिए इलाक़े में रेड क्रास सहायता सामग्री भेज रही है.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>