|
करुणा को जान से मारने की धमकी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में तमिल चरमपंथियों के संगठन एलटीटीई ने विद्रोही नेता कर्नल करुणा को जान से मार देने की धमकी दी है. हाल ही में वे एलटीटीई से अलग हो गए थे. एलटीटीई की वेबसाइट पर कहा गया है - "अपने लोगों और क़ौम की सुरक्षा के लिए ये तय किया गया है करुणा से हमारी धरती को छुटकारा दिला दिया जाए." कर्नल करुणा को 15 हज़ार एलटीटीई लड़ाकों में से लगभग छह हज़ार लड़ाकों का समर्थन हासिल है. एलटीटीई की अंदरूनी कलह से पूर्वी श्रीलंका में लगभग दो साल से चले आ रहे संघर्षविराम और शांति प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग गया है. पहले ही एलटीटीई सरकार के साथ बातचीत से पीछे हट चुकी है और फिर श्रीलंका के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच शांति वार्ता पर गंभीर मतभेद पैदा हो गए थे. कर्नल करुणा ने शिकायत की थी कि एलटीटीई में पूर्वी श्रीलंका के निवासियों को उत्तरी श्रीलंका के नेता उचित प्रतिनिधित्व नहीं दे रहे. एलटीटीई की वेबसाइट पर कहा गया है - "हमारे लड़ाकों को करुणा के धोख़े को समझना चाहिए और उनसे दूर रहना चाहिए." वेबसाइट पर ये भी कहा गया है - "जो भी करुणा के ख़िलाफ़ कार्रवाई का विरोध करता है उसे तमिल क़ौम का गद्दार माना जाएगा." ये भी कहा गया है कि कर्नल करुणा के सहयोगियों उन्हें छोड़कर अपने-अपने घर अपने परिवारों के पास जाने के लिए आज़ाद हैं. संवाददाताओं का मानना है कि कर्नल करुणा को 'अपनी धरती से निकालने' की घमकी का मतलब केवल उन्हें तमिल बहुल इलाक़ो से निकालना नहीं है. उधर कर्नल करुणा की ओर से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||