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एलटीटीई पर युद्ध की तैयारी के आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई से अलग हुए नेता कर्नल करुणा का कहना है कि उन्हें शक था कि तमिल विद्गोही चुनाव के बाद युद्ध की तैयारी कर रहे हैं. बीबीसी से हुई विशेष बातचीत में कर्नल करुणा ने कहा कि एलटीटीई नेता ने उन्हें आदेश दिया था कि हज़ार सैनिकों को पूर्व से हटाकर उत्तर में तैनात कर दिया जाए. उनको लगता है कि एलटीटीई नेता चुनाव परिणामों को देखने के बाद फिर से गृह युद्ध छेड़ने की योजना बना रहे हैं. बीबीसी की कोलंबो संवाददाता फ़्रांसिस हैरिसन ने पूर्व में विद्रोहियों की सबसे बड़े कैंप में जाकर कर्नल करुणा से बात की. 'शांति के लिए' कर्नल करुणा का कहना है कि वे शांति के लिए एलटीटीई से अलग हुए हैं. उनका कहना है कि एलटीटीई की सेना में दूसरे नंबर में रहे कर्नल करुणा का कहना है कि उनको साफ़ तौर पर नहीं बताया गया कि सरकार के ख़िलाफ़ युद्द की तैयारी की जा रही है लेकिन सैनिकों की तैनाती के जो आदेश दिए गए उससे उन्हें यही अनुमान हुआ. उन्होंने इस बात से इंकार किया कि उन्होंने तमिल विद्रोहियों के आंदोलन के साथ धोखा किया है. कर्नल करुणा का कहना है कि वे अपने उन लड़ाकों के पक्ष में खड़े हैं जिन्हें अभी शांति से होने वाले लाभ मिलने शुरु नहीं हुए हैं. बीबीसी संवाददाता को कर्नल करुणा ने अपने सैकड़ों सैनिक दिखाए जो भारी भरकम हथियारों से लैस थे. संवाददाता का कहना है कि एलटीटीई नेता का यह दावा सही नहीं है कि कर्नल करुणा अकेले हैं लेकिन यह मान लेना भी जल्दबाज़ी होगी कि वे अपना संगठन खड़ा कर लेंगे. |
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