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हुर्रियत दूसरे दौर की चर्चा के लिए तैयार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों के प्रमुख संगठन ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेस का उदारवादी माना जाने वाला धड़ा भारत सरकार के साथ आगे की बातचीत के लिए तैयार हो गया है. जनवरी में शुरु हुई बातचीत के बाद भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर की घटनाओं से यह आशंका पैदा हो गई थी कि बातचीत आगे होगी या नहीं. हुर्रियत की ओर से आगे बात न करने की धमकियाँ भी दी गईं थीं. लेकिन अब वे दूसरे दौर की बातचीत के लिए राज़ी हो गए हैं. हुर्रियत के इस गुट के नेता मौलवी अब्बास अंसारी का कहना है कि उन्हें भारत के उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की ओर से 27 मार्च को बातचीत का न्यौता मिला है. यह हुर्रियत और भारत सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत होगी. नाराज़गी भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर में कुछ नागरिकों के मारे जाने के बाद लोग नाराज़ थे और प्रदर्शन भी हुए थे. 22 जनवरी को हुई ऐतिहासिक बातचीत के बाद हुर्रियत ने भारतीय कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों पर मानवाधिकार उल्लंधन के आरोप लगाए थे. उनका कहना था कि यदि जम्मू-कश्मीर राज्य में स्थिति नहीं सुधरी तो उनके लिए बातचीत जारी रखना संभव नहीं होगा. इसके बाद उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने दिल्ली में सुरक्षा बलों के अधिकारियों की एक बैठक बुलाकर जम्मू-कश्मीर में मानवता पूर्ण व्यवहार की हिदायत दी थी. |
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