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हुर्रियत की बातचीत से हटने की धमकी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय कश्मीर में ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के मौलवी अब्बास अंसारी के नेतृत्व वाले गुट ने कहा है कि भारतीय सेना के हाथों बड़े पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघन हो रहा है. इस गुट ने कहा है कि अगर यह मानवाधिकार उल्लंघन नहीं रुका तो वे सरकार के साथ बातचीत के अगले दौर से अपना हाथ खींच सकते हैं. पिछले महीने इस गुट के नेताओं की उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के साथ बातचीत हुई थी. इस गुट के अध्यक्ष मौलवी अब्बास अंसारी ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि भारतीय फ़ौजें मानवाधिकारों का उल्लंघन बंद नहीं करतीं तो इसका असर बातचीत पर पड़ सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने सुरक्षाकर्मियों को मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में एहतियात बरतने के आदेश दिए थे लेकिन इसके बावजूद मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. हाल ही में उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने दिल्ली में सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में भारतीय कश्मीर में मानवाधिकार स्थिति का जायज़ा लिया था. मौलवी अब्बास अंसारी ने कहा कि लगता है कि उप प्रधानमंत्री के आदेश सुरक्षा बलों तक नहीं पहुँचे हैं. उन्होंने कहा कि त्राल नगर के हज़ारों निवासी सुरक्षाकर्मियों के बर्ताव से तंग आकर किसी और जगह पर जाने की सोच रहे हैं. उनका कहना था कि भारत सरकार के साथ आगे बातचीत करने या न करने का फ़ैसला मार्च में ही लिया जाएगा. इससे पहले एक अन्य हुर्रियत नेता फ़जल हक़ क़ुरैशी ने घोषणा की थी कि मानवाधिकार स्थिति को देखते हुए वे सरकार के साथ बातचीत से अलग हो रहे हैं. उन्होंने उप प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत में भाग लिया था. |
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