|
भारत-पाक बातचीत का दूसरा दिन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच मंगलवार को लगातार दूसरे दिन की बातचीत इस्लामाबाद में जारी रही. दोनों देशों के बीच सोमवार को संयुक्त सचिव स्तर पर बातचीत शुरू हुई थी. बुधवार को भारत के विदेश सचिव शशांक और पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ खोखर आपस में बातचीत करेंगे. सोमवार को संयुक्त सचिव स्तर की बातचीत में भारतीय दल की ओर से अरूण कुमार सिंह और पाकिस्तान की ओर से जलील अब्बास जिलानी ने अपने दल का नेतृत्व किया था. दोनों पक्षों ने पहले दिन की बातचीत को 'सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक' बताया था. अधिकारी स्तर की बातचीत में आगे वार्ता जारी रखने और इसके समय तथा एजेंडे को तय करने की कोशिश की जा रही है. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन साल पहले आगरा समझौते के नाकाम होने के बाद पहली बार ये औपचारिक बातचीत हो रही है. बातचीत संतोषजनक
पहले दिन की बातचीत के संबंध में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने कहा कि इसमें दोनों पक्षों ने ये स्वीकार किया कि लड़ाई कोई रास्ता नहीं है. उन्होंने इस्लामाबाद में पत्रकारों से कहा,"दोनों देशों के बीच के विवादों को ख़त्म करने के लिए शांतिपूर्ण समाधानों की तलाश की ज़रूरत है". मसूद ख़ान ने कहा कि दोनों पक्षों ने पहले दिन की बातचीत में हुई प्रगति पर संतोष प्रकट किया. मगर बातचीत का खुलकर कोई ब्यौरा नहीं दिया गया है और केवल इतना बताया गया है कि दोनों ही पक्षों ने समग्र वार्ता की रूपरेखा और समयसीमा पर बात की. उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान ने जून 1997 में समग्र बातचीत के लिए आठ मुद्दों की पहचान की थी. इनमें शांति और सुरक्षा, कश्मीर, सियाचिन, वुलर बाँध, सर क्रीक मामला, आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी तथा आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे शामिल हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||