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भारत-पाक कदम की सराहना
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भारत और पाकिस्तान के फ़रवरी से व्यापक बातचीत शुरु करने के फ़ैसले की सराहना की है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान और अनेक देशों के नेताओं ने दोनो देशों के फ़ैसले की प्रशंसा की है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा, "ये एक बेहद अच्छी ख़बर है." अमरीका, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी सहित कई देशों ने इस समाचार का स्वागत किया है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने दोनो पक्षों के लचीले रुख़ की सराहना की है. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया अमरीका ने कहा है कि इससे विश्व में शांति कायम करने के नए अवसर पैदा हो गए हैं.
अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि ये बातचीत 'बहुत सफल' रही है. समाचार एजेंसियों के अनुसार अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "अमरीका लंबे समय से बातचीत के पक्ष में रहा है. भारत और पाकिस्तान के बीच शांति की दिशा में उठाया गया ये क़दम क्षेत्र की स्थिरता और पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है." ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा कि वे फ़रवरी 2004 में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने के फ़ैसले का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा कि वे फ़रवरी 2004 में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने के फ़ैसले का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भरोसा जताया कि भारत और पाकिस्तान के नेता अपनी सूझ-बूझ से शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाएँगे जिससे सारे क्षेत्र को फ़ायदा होगा.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा, "पिछले नौ महीनों से प्रधानमंत्री वाजपेयी और राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने दोनों देशों के बीच रिश्ते सामान्य करने के लिए साहस और एक-दूसरे की चिंताओं को समझने का परिचय दिया है." जापान ने भी एक बयान जारी कर भारतीय प्रधानमंत्री और पाकिस्तानी राष्ट्रपति के बीच हुई मुलाक़ात को एक 'महत्वपूर्ण प्रगति' बताया है. जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने भी भारत और पाकिस्तान के बीच हुई बातचीत पर उम्मीद जताई है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से दोनों देशों के रिश्ते सामान्य होंगे. |
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