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क़ुर्बानी के बिना बात नहीं बनेगी- जमाली
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मीर जफ़रूल्ला ख़ाँ जमाली ने भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों के बेहतर होने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि दोनों देशों को अपने रवैये में लचक रखनी पड़ेगी. उन्होंने कहा, "क़ुर्बानी के बग़ैर कोई चीज़ तय होती नहीं. जब तक आप क़ुर्बानी देना नहीं सीखेंगे तब तक आप क़ुर्बानी लेंगे क्या." जमाली ने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच आगे जाकर रिश्ते बेहतर होंगे.
उन्होंने कहा, "ये तो इब्तिदा है, इसकी इंतिहाँ क्या होगी इसका तो हम केवल तसव्वुर ही कर सकते हैं. हम तो चाहते हैं कि बात वहाँ तक पहुँचे जहाँ ये सारे झगड़े ख़त्म हो जाएँ." जमाली ने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते अब बेहतर होने की राह पर चल पड़े हैं. उन्होंने कहा, "अल्लाहताला ने हमें चार मौसम दिए हैं अभी तो सर्दी का मौसम चल रहा है. आगे बहार भी आएगी."
जमाली ने इस्लामाबाद में भारत के रूख़ की सराहना की. उन्होंने कहा, "भारत ने कश्मीर पर जो बात करने के लिए हाँ की है वो उनके पुराने रूख़ से तो अलग है ही. मेरे ख़याल से ये अच्छी चीज़ है." जमाली ने कहा कि अब दोनों ही देशों की ज़िम्मेदारी बढ़ गई है और उन्हें अपने यहाँ की आवाम का ख़याल करना चाहिए. उन्होंने कहा, "हालात का तकाज़ा ये है कि हम दोनों देश ये सोचें कि हम अपनी जनता को क्या दें आगे. हम उन्हें जंग दें, ग़रीबी दें...नहीं ऐसा नहीं होना चाहिए क्योंकि उन इंसानों का कोई क़सूर नहीं है." पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की राह में कोई दिक़्क़त नज़र नहीं आती मगर दोनों को ही लचक दिखानी होगी. |
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