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अफ़ग़ानिस्तान में जिहाद का ऐलान
तालेबान के शीर्ष नेता मुल्ला उमर ने "अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद विदेशी ताक़तों के ख़िलाफ़ जिहाद जारी रखने का आह्वान किया है." पाकिस्तान के कई अख़बारों को एक फ़ैक्स संदेश भेजा गया है जिसमें मुल्ला उमर के नाम से यह बात कही गई है. पश्तो भाषा में लिखे गए इस संदेश में अफ़ग़ान लोगों से कहा गया है कि वे "तालेबान का साथ दें ताकि वे विदेशियों को देश से बाहर खदेड़ सकें." संदेश में कहा गया है कि तालेबान ने पिछले दो वर्षों से अमरीका की सैनिक ताक़त का मुक़ाबला किया है और यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक विदेशियों को भगा नहीं दिया जाता. अफ़ग़ान मामलों के वरिष्ठ विश्लेषक रहीमुल्ला युसुफ़ज़ई का कहना है कि लगभग ढाई महीने पहले भी मुल्ला उमर की ओर से पाकिस्तानी अख़बारों को ऐसा ही संदेश भेजा गया था. इस संदेश में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान पर विदेशी ताक़तों का कब्ज़ा है और उसे मुक्त कराने के लिए जिहाद ज़रूरी है. संदेश में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में अशांति है, अफ़ीम की खेती बढ़ रही है और आपराधिक धंधे तेज़ी से फल-फूल रहे हैं. मुल्ला उमर के नाम से जारी इस संदेश में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में शरिया लागू कराना ही तालेबान का लक्ष्य है. विश्लेषक रहीमुल्ला युसुफ़ज़ई का कहना है कि यह संदेश सीधे-सीधे अमरीका को चुनौती है और तालेबान को उन लोगों का समर्थन मिल सकता है जो अमरीकी नीतियों से नाराज़ हैं. |
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