BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 10 दिसंबर, 2003 को 11:13 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
संविधान पर सहमति देने का अनुरोध
हामिद करज़ई
हामिद करज़ई संविधान के मसौदे पर सहमति चाहते हैं

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कबायली सरदारों की परंपरागत महासभा लोया जिरगा के प्रतिनिधियों से नए संविधान पर अपनी जल्द सहमति देने की अपील की है.

लोया जिरगा की शुरुआत शनिवार से हो रही है.

हामिद करज़ई ने संविधान के मसौदे पर सहमत होने का अनुरोध किया है.

इसमें राष्ट्रपति को अनेक अधिकार दिए गए हैं.

उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान में अगले साल पहले चुनाव होने हैं.

ख़बरों के अनुसार उन्होंने श्रीलंका का उदाहरण दिया जहाँ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री में मतभेद हैं और सत्ता का एक ही केंद्र बनाने का अनुरोध किया.

 लोया जिरगा के प्रतिनिधि नए संविधान पर अपनी जल्द सहमति दे दें.

हामिद करज़ई

लेकिन अनेक प्रांतीय नेताओं का मानना है कि सत्ता बहुत केंद्रीयकृत है.

कुछ राष्ट्रपति की बजाए प्रधानमंत्री प्रणाली के पक्ष में हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रपति करज़ई को संविधान के मसौदे पर लोगों की सहमति के लिए कठिन प्रयास करने होंगे.

क्या है लोया जिरगा?

यह अफ़ग़ानिस्तान की एक अनूठी संस्था है जिसमें पख़्तून, ताजिक, हज़ारा और उज़्बेक कबायली नेता एक साथ बैठते हैं.

इसकी बैठक में देश के मामलों पर विचार विमर्श कर फ़ैसले किए जाते हैं.

लोया जिरगा पश्तो भाषा का शब्द है और इनका मतलब है महापरिषद.

सैकड़ों साल पुरानी यह संस्था इस्लामी शूरा या सलाहकार परिषद जैसे सिद्धांत पर ही काम करती है.

अब तक कबीलों के आपसी झगड़े सुलझाने, सामाजिक सुधारों पर विचार करने और नए संविधान को मंज़ूरी देने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>