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चुनाव समय से पहलेः प्रमोद महाजन
भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आम चुनाव निर्धारित समय से पहले कराए जाएँगे. पार्टी महासचिव प्रमोद महाजन ने पार्टी की हैदराबाद में होने वाली दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से एक दिन पहले इस बात की पुष्टि कर दी. उन्होंने कहा, "चुनाव जल्दी होना शत-प्रतिशत तय है." इससे पहले सरकार की ओर से जिस तरह के बयान आ रहे थे और सरकार ने पिछले एक-दो दिनों में जिस तरह लोकलुभावन घोषणाएँ की हैं उससे इन अटकलों का बाज़ार गर्म था कि चुनाव समय से पहले कराए जा सकते हैं. यूँ तो लोकसभा का कार्यकाल सितंबर में पूरा हो रहा है मगर माना जा रहा है कि सरकार अप्रैल के अंत या मई के पहले हफ़्ते तक चुनाव करा सकती है. हर तरह की अटकलों पर विराम लगाते हुए महाजन ने कहा, "चुनाव कराने के लिए अप्रैल-मई के महीने सबसे अच्छे हो सकते हैं." वैसे उन्होंने तो यहाँ तक भी कहा कि भाजपा जल्दी से जल्दी चुनाव कराना चाहती है और नई सरकार मार्च तक बन सकती है. वैसे उन्होंने ये ज़रूर कहा कि चुनाव कराना चुनाव आयोग का काम है.
पार्टी की 11 और 12 जनवरी को हैदराबाद में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है और उसमें इस विषय पर चर्चा होने की संभावना है. महाजन ने कहा कि देश की जनता 15 जनवरी तक जान जाएगी कि चुनाव कब होंगे. पिछले दिनों हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक में भाजपा के सहयोगी दलों ने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को चुनाव के बारे में अंतिम फ़ैसला करने के लिए अधिकृत कर दिया था. चुनाव की चर्चा शुरू हुई दिसंबर महीने से ही जब कि उत्तर भारत के चार हिंदी भाषी राज्यों में से तीन में भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव बड़े अंतर से जीत लिए थे. इस समय देश की अर्थव्यवस्था की हालत भी अच्छी मानी जा रही है और देश में 'फ़ील गुड फ़ैक्टर' की बातें भी हो रही हैं. चुनाव के मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वाजपेयी का नेतृत्व, राजग सरकार का स्थायित्व और पिछले पाँच वर्षों की उपलब्धियाँ मुख्य रूप से उठाए जाएँगे. विपक्ष की नेता सोनिया गाँधी के विदेशी मूल के मसले पर उन्होंने कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार रहेंगी तब तक ये मसला भी उठता रहेगा. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि समय से पहले चुनाव कराकर पार्टी फ़ायदा लेना चाह रही है. |
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