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बातचीत का समझौता ऐतिहासिक: मुशर्रफ़
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि भारत के साथ बातचीत शुरू करने का समझौता ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा कि यह कश्मीर विवाद हल करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण क़दम है. भारत और पाकिस्तान ने एक साझा बयान जारी करके यह घोषणा की है कि इस साल फरवरी से दोनों देशों के बीच व्यापाक बातचीत शुरू होगी. साझा बयान जारी होने के बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "आज इतिहास बना है. यह शुरुआत है. यह बयान कोई आख़िरी बात नहीं है, इसमें कोई शक नहीं कि शुरुआत अच्छी हुई है." तारीफ़ राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने दोनों पक्षों के वार्ताकारों की प्रशंसा की और कहा कि उनके लचीले रुख़ के बिना साझा बयान पर सहमति संभव नहीं थी.
साथ ही उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक सूझबूझ की तारीफ़ की और कहा कि उनका रुख़ सकारात्मक था. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि फरवरी में होने वाली बातचीत एक घटना नहीं बल्कि एक पूरी प्रक्रिया की शुरुआत है जो काफ़ी दूर तक जाएगी. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी की हार या जीत नहीं हुई है बल्कि यह शांति की जीत है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध सामान्य होने की प्रक्रिया के शुरू होने से दोनों देशों के उदारवादी लोग ज़रूर ख़ुश होंगे. जब राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से पूछा गया कि भारत और पाकिस्तान के संबंधों में सुधार के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय दबाव तो नहीं, इसके जवाब में उन्होंने कहा, "दोनों देश अपनी समस्याओं को जानते हैं और उन्हें इस बात का एहसास है कि वे आपसी बातचीत से ही सुलझ सकती हैं." |
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