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'ग़ौरी' का मॉडल हटाने पर विवाद
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में लगे ग़ौरी मिसाइल के मॉडल को हटाया जा रहा है. पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सार्क की बैठक में भाग लेने पाकिस्तान पहुँच रहे भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को खुश करने के लिए ऐसा किया जा रहा है. मिसाइल के ही जितने बड़े इस मॉडल को हटाने के पीछे अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि यह राजधानी के सौंदर्यीकरण का हिस्सा है. उनका कहना है कि इसका वाजपेयी की पाकिस्तान यात्रा से कोई लेना देना नहीं है. उल्लेखनीय है कि 1998 में पाकिस्तान ने जब परमाणु परीक्षण किया था उसके बाद देश के कई हिस्सों में ग़ौरी मिसाइल के विशालकाय मॉडल लगाए गए थे. ग़ौरी मिसाइल लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें हैं. इन मॉडल के हटाए जाने के कारण वे लोग ख़ुश हैं जो हमेशा से महाविनाश के हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन का विरोध करते रहे हैं. लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि यह अमरीका और भारत को खुश करने की कोशिश है. इस्लामाबाद राजधानी विकास प्राधिकरण के प्रमुख कामरान लाशारी का कहना है कि इस संस्था का सार्क बैठक के आयोजन से कोई लेना देना नहीं है और मॉडल को इसलिए हटाया गया क्योंकि राजधानी को ख़ूबसूरत बनाने की योजना का हिस्सा है. उनका कहना है कि इस मॉडल को किसी अच्छी जगह पर फिर लगा दिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि ग़ौरी और शाहीन मिसाइलों के मॉडल शहर में कई और जगह अब भी लगे हुए हैं. |
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