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'शांति बनाए रखना सरकार के हाथों में'
श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों ने कहा है कि देश में शांति बनाए रखना सरकार के हाथों में है. उन्होंने यह बात यूरोपीय संघ के विशेष दूत क्रिस पैटन से कही है. पैटन बुधवार को तमिल विद्रोही नेता वेलुपिल्ले प्रभाकरन से किलिनोच्ची में मिलने गए. एलटीटीई की वेबसाइट तमिलनेट के अनुसार, "हमारे नेता वेलुपिल्ले प्रभाकरन ने पैटन से कहा कि शांति बनाए रखना लिबरेशन टाइगर्स के हाथों में नहीं है. श्रीलंका सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि लड़ाई दुबारा न शुरू हो." तमिल विद्रोहियों और सरकार के बीच युद्धविराम फ़रवरी 2002 से जारी है. लेकिन दोनो पक्षों के बीच बातचीत इस वर्ष अप्रैल से बंद है. तमिल विद्रोही देश के उत्तरी इलाकों में और ज़्यादा स्वायतता की मांग कर रहे हैं, मगर राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारातुंग इसके पक्ष में नहीं है. नवंबर में उन्होंने प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे की सरकार के तीन मंत्री बर्ख़ास्त कर ज़्यादातर अधिकार अपने हाथ में ले लिए हैं. पैटन ने अपने श्रीलंका दौरे में राष्ट्रपति कुमारातुंग से भी मुलाक़ात की. मंगलवार को श्रीलंका पहुँचने से पहले उन्होंने कहा था कि उनकी यात्रा का उद्देश्य तमिल नेता प्रभाकरन को बातचीत के लिए तैयार करना है. |
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