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असम में मदद के लिए सेना पहुँची
असम में बिहार से आकर बसे लोगों के ख़िलाफ़ भड़की हिंसा को शांत करने के लिए सेना की मदद ली जा रही है. एजेंसियों के अनुसार हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में अभी तक 30 लोगों की जान जा चुकी है. राज्य में हिंसा की रोकथाम में अभी तक लगभग 450 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. असम के 11 छोटे शहरों में एहतियात के तौर पर अलग-अलग समय के लिए कर्फ़्यू लगाया गया है. तिनसुकिया शहर में 24 घंटे का कर्फ़्यू चल रहा है. असम की हिंसा पर भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी चिंता प्रकट की है और राज्य के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से बात की है. मुख्यमंत्री गोगोई ने प्रधानमंत्री से राज्य के लिए और केंद्रीय बल भेजने का आग्रह किया. राज्य के गृह सचिव ने बताया है कि तिनसुकिया, नौगाँव, डिब्रूगढ़ और सोनितपुर ज़िलों में स्थिति नियंत्रित करने के लिए सेना बुलाई गई है. उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा बल के 500 जवानों को तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ रवाना कर दिया गया है जबकि 700 और जवान वहाँ भेजे जाएँगे. इस बीच असम में आम लोगों की तरफ़ से शांति बहाल करने की कोशिश चल रही है. राज्य की राजधानी गुवाहाटी में गुरूवार को एक शांति मार्च निकाला गया जिसमें "असमिया-बिहारी भाई-भाई" के नारे लगाए गए. शुक्रवार को भी यहाँ एक शांति रैली निकालने का कार्यक्रम है. |
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