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असम में हिंदीभाषियों पर हमले, 25 मरे
असम के बोंगाइगाँव ज़िले में चरमपंथियों ने गोलीबारी कर चार महिलाओं की हत्या कर दी है. इसी के साथ हिंदीभाषियों के ख़िलाफ़ ताज़ा हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 25 हो गई है. अधिकारियों के अनुसार बोंगाइगाँव में बुधवार शाम मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हमलावरों ने ग़ैरअसमी लोगों के एक झुंड पर अंधाधुंध गोलीबारी की. इस हमले में चार महिलआओं की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए. मरने वालों में तीन बिहारी महिलाओं के अलावा एक बंगाली भी थीं. एक अन्य घटना में गोलाघाट ज़िले के एक दूरवर्ती गाँव में एक व्यक्ति की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई. इससे पहले डिब्रूगढ़ ज़िले में हमलावरों ने बिहार के एक प्रवासी परिवार के छह सदस्यों की हत्या कर दी थी. तनाव गुवाहाटी से बीबीसी संवाददाता पी पी सिंह के अनुसार पूरे राज्य में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. विभिन्न इलाक़ों में सेना को तैनात कर दिया गया है. तिनसुकिया ज़िले में अनिश्चितकालीन कर्फ़्यू लगा दिया गया है. वहाँ हिंदीभाषियों के ख़िलाफ़ हिंसा की कई घटनाएँ हुई हैं. हिंदीभाषियों के ख़िलाफ़ हिंसक घटनाओं की शुरुआत इसी महीने तब शुरू हुई जब रेलवे भर्ती बोर्ड ने कर्मचारियों की भर्ती का अभियान शुरु किया. विभिन्न असमी संगठनों का कहना है कि हिंदीभाषी, ख़ास कर बिहार के प्रत्याशी राज्य में भारी संख्या में स्थानीय नौकरियाँ पा रहे हैं. इस बीच पटना से बीबीसी संवाददाता के अनुसार राज्य में असमी रेल यात्रियों पर हमले की कुछ घटनाओं के बाद बिहार सरकार ने केंद्र से अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों की माँग की है. |
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