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असम में 16 लोगों की हत्या, तिनसुकिया में कर्फ़्यू
पूर्वोत्तर भारत के राज्य असम में डिब्रूगढ़ ज़िले में बिहार के रहनेवाले एक ही परिवार के छह लोगों की हत्या कर दी गई है. इससे पहले एक होटल में बंदूक़धारियों ने पाँच बिहारियों की गोली मार कर हत्या कर दी थी. पिछले 24 घंटों में असम में बिहार के रहनेवाले 16 लोगों की हत्या हो चुकी है.
राज्य के तिनसुकिया ज़िले में अनिश्चितकालीन कर्फ़्यू लगा दिया गया है जहाँ से ताज़ा हिंसा शुरू हुई थी. मंगलवार को ही असम के धुबरी ज़िले में भी बिहार के चार हिंदीभाषियों को मार डाला गया था. असम में इन दिनों स्थानीय निवासियों और बिहार से आकर बसे लोगों के बीच के तनाव ने हिंसक रूप ले लिया है. पुलिस का कहना है कि इन हत्याओं का कारण भी यही तनाव हो सकता है. हालाँकि छात्र संगठन ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) ने इन हत्याओं की निंदा की है. आसू ने असम में बाहरी लोगों को लेकर छिड़े विवाद पर 17 नवंबर को राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया था. इससे पहले पिछले सप्ताह बिहार में प्रदर्शनकारियों ने असम जा रहे रेल यात्रियों पर हमला किया था. प्रदर्शनकारी असम में नौकरियों में हिंदीभाषियों के साथ भेदभाव के आरोप लगा रहे थे. हत्याएँ डिब्रूगढ़ के झुमरीपाथर गाँव में हिंसा की घटना मंगलवार शाम को हुई. असम में पत्रकार पी पी सिंह का कहना है कि ये परिवार उमाकाँत तिवारी नाम के एक व्यक्ति का था. संदिग्ध हमलावरों की भीड़ ने उनके घर पर हमला कर उनकी पत्नी और दो बच्चों समेत छह लोगों को मार डाला. हमले में उमाकाँत तिवारी बच गए. पी पी सिंह ने बताया कि राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में भी तोड़-फोड़ की घटनाएँ हुई हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में सक्रिय अलगाववादी संगठन अल्फ़ा और बोडो विद्रोहियों ने हिंदीभाषियों को राज्य छोड़ देने को कहा है. मगर उनका कहना है कि अभी स्पष्ट तौर पर बताना मुश्किल है कि हिंसा की इन घटनाओं के पीछे किसका हाथ है. |
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