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'मंदी में रेवड़ियाँ बाँटना शर्मनाक' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश में मंदी के बुरे दौर के बावजूद कुछ वित्तीय संस्थानों और बैंकों द्वारा अपने अधिकारियों को अरबों का तोहफ़ा देने की कड़ी निंदा की है. अमरीका के कुछ बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं ने पिछले वर्ष अपने अधिकारियों को 18 अरब डॉलर के बोनस बाँट डाले थे. राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ऐसा करने वाले संस्थानों के इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे शर्मनाक और बेहद ग़ैर ज़िम्मेदाराना बताया है. उन्होंने कड़े शब्दों में आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि इन वित्तीय संस्थानों ने ऐसा तब किया है जब अमरीकियों के टैक्स का एक बड़ा हिस्सा आर्थिक सेवाएं देने वाले उद्योगों को संभालने में लगाया जा रहा है. ग़ौरतलब है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों को आर्थिक मंदी के संकट से उबारने के लिए अमरीका की सरकार आर्थिक पैकेजों की घोषणा भी पहले ही कर चुकी है. इसके लिए वित्तीय संस्थानों की ओर से ज़ोर-शोर से आवाज़ भी उठाई गई थी और सरकार से कहा गया था कि मंदी के दौर में सरकार को इन कंपनियों, संस्थाओं को बचाने का काम करना चाहिए. सरकार की ओर से सहयोग की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि वित्तीय मदद की मांग कर रहे इन संस्थानों में एक न्यूनतम स्तर की ज़िम्मेदारी और अनुशासन जैसी बातें भी होनी चाहिंए. | इससे जुड़ी ख़बरें विदेशी मुद्रा में कर सकते हैं व्यापार29 जनवरी, 2009 | कारोबार आईएमएफ़ ने भारत की विकास दर घटाई29 जनवरी, 2009 | कारोबार फ़ोर्ड को हुआ रिकॉर्ड घाटा29 जनवरी, 2009 | कारोबार पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतों में कटौती28 जनवरी, 2009 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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