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'बुश जूतों' की माँग बढ़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तुर्की की एक जूता निर्माता कंपनी का कहना है कि अमरीका के राष्ट्रपति जार्ज बुश पर एक इराक़ी पत्रकार के जूते फेंकने के बाद उसे अपनी कंपनी के जूतों की बढ़ती माँग के मद्देनजर सौ अतिरिक्त कर्मचारियों को काम पर लगाना पड़ा है. इस्तांबुल के बेदान शूज़ का दावा है कि वे जूते उनकी कंपनी के थे. कंपनी का कहना है कि अब उनके पास दुनिया भर से हज़ारों जूतों की माँग आ रही है. इन देशों में अमरीका और इराक़ भी शामिल हैं. कंपनी का कहना है कि उन जूतों का मॉडल नंबर 271 था लेकिन अब उनका नाम बदलकर 'बुश शूज़' कर दिया गया है. हालांकि जूते फेंकने वाले पत्रकार मुंतज़िर अल ज़ैदी के भाई ने कहा कि वे मानते हैं कि वे जूते इराक़ में ही बने थे. ज़रगाम ज़ैदी ने उन लोगों की आलोचना की जो उनके भाई के काम को अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं. बनावट और कारीगरी ज़रगाम ज़ैदी ने एएफ़पी समाचार एजेंसी से कहा, " सीरिया का दावा है कि वे जूते सीरिया में बने थे और तुर्की कहता है कि वे उन्होंने बनाए थे. कुछ कहते हैं कि वह मिस्र से लाए गए थे लेकिन जहाँ तक मैं जानता हूँ, उसने वे जूते बग़दाद से ख़रीदे थे जो इराक़ में ही बने थे." इस बारे में कहना बहुत मुश्किल है कि जूते कहाँ के थे क्योंकि उस घटना के बाद से ज़ैदी को कहीं देखा नहीं गया है और इस मामले के न्यायाधीश का कहना है कि सुरक्षा कारणों से उन जूतों को नष्ट कर दिया गया है. लेकिन बेदान शूज़ के प्रतिनिधि ओनर बोगातेकिन कहते हैं कि उनके स्टाफ़ ने रिपोर्ट देखकर अपने जूतों की बनावट और कारीगरी को पहचान लिया था. उन्होंने बीबीसी से कहा, " हमने समाचारपत्रों और वीडियो पर जूतों को देखा. हम इस जूते का पिछले दस वर्षों से तैयार कर रहे हैं इसलिए उसे अच्छी तरह से जानते हैं और कहीं भी इसे पहचान सकते हैं." उन्होंने कहा कि उन जूतों को अब 'बुश शूज़ या बाय-बाय बुश शूज़' के नाम से जाना जाता है और उसकी माँग को देखते हुए उन्हें सौ और कर्मचारियों को लगाना पड़ा है. हल्के हैं जूते दुकान के मालिक रमज़ान बेदान के अनुसार अमरीका की एक कंपनी ने इन जूतों के 18 हज़ार जोड़ों का आर्डर दिया है जबकि इराक़ से उन्हें 15 हज़ार जोड़ों का आर्डर मिला है. इसके अलावा ब्रिटेन के एक वितरक ने कंपनी की ओर से यूरोप का काम संभालने की पेशकश की है. बोगातेकिन कहते हैं कि प्रसिद्धि मिलने से कंपनी खुश है लेकिन वो ये भी कहते हैं कि अगर ये जूते बुश को लग भी जाते तो उन्हें ख़ास चोट नहीं लगती. उन्होंने कहा, " दरअसल यह जूते बहुत हल्के हैं इसलिए उन्हें नुक़सान नहीं पहुँचाते." बग़दाद में 14 दिसंबर को हुई एक प्रेस कांफ़्रेंस में बुश पर जूते फेंकने के बाद से मुंतज़िर अल ज़ैदी कुछ लोगों के लिए हीरो बन गए हैं. उनके इस काम को अरब दुनिया में बुश के लिए बड़ी बेइज़्ज़ती की तरह देखा जा रहा है. उन्होंने बुश को 'कुत्ता' कहा और कहा कि ये जूता इराक़ में मारे गए लोगों की विधवाओं और अनाथों की तरफ से है. उनको विदेशी प्रमुख पर हमला करने के आरोप में 31 दिसंबर को अदालती कार्यवाही का सामना करना है जिसमें उन्हें 15 साल तक की क़ैद हो सकती है. |
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