BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 19 अक्तूबर, 2008 को 11:23 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
रिपब्लिकन पार्टी का इतिहास
कैनेडी
कैनेडी अमरीका के सबसे युवा राष्ट्रपति थे
रिपब्लिकन पार्टी को अमरीका की ग्रैंड ओल्ड पार्टी(जीओपी) कहा जाता है. इसका गठन 19वीं सदी में 50 के दशक में हुआ था जिसमें उत्तरी क्षेत्र के डेमोक्रिटक पार्टी के सदस्य और ग़ुलामी प्रथा का विरोध करने वाले लोग शामिल थे.

ग़ुलामी प्रथा के मुद्दे ने अमरीका का राजनीतिक परिदृश्य बदल दिया और रिपब्लिकन पार्टी को व्हाइट हाउस तक पहुँचाया. 1860 में रिपब्लिकन पार्टी से इब्राहिम लिंकन राष्ट्रपति बने.

शुरु में पार्टी ने काले समुदाय के लोगों को मतदान समेत दूसरे अधिकार देने का समर्थन किया लेकिन राजनीति में अपना प्रभुत्व बनाए रखने के लिए उसे अपना रुख़ नरम करना पड़ा. 1868-1892 के बीच पार्टी ने पाँच राष्ट्रपति चुनाव जीते. 1880 के बाद अमरीका में उद्योग का विकास हुआ और औद्योगिक हित पार्टी पर हावी होने लगे.

पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपति थियोडोर रूज़वेल्ट के नेतृत्व में बनी प्रोग्रेसिव पार्टी के कारण रिपब्लिकन पार्टी का मत बट गया. इस समय हुए चुनाव में इलेक्टोरल कॉलेज वोट में पार्टी तीसरे स्थान पर चली गई थी. लेकिन 1920 से लेकर 1932 तक फिर रिपब्लिकन पार्टी का कब्ज़ा रहा.

निक्सन और रेगन

लेकिन ग्रेट डिप्रेशन से पैदा हुई समस्याओं और राष्ट्रपति हूवर की विफलता (1929-1933)के कारण डेमोक्रेटिक ‘न्यू डील’ का उदय हुआ और फ़्रैंकलिन रूज़वेल्ट राष्ट्रपति बने.

पर साम्यवाद के उदय के कारण रिपब्लिकन की ओर से आईज़नहॉवर(1952-1960) फिर राष्ट्रपति बने.

क़ानून-व्यवस्था और नसल के मुद्दों को लेकर रिचर्ड निक्सन 1968 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति बने. 1968 से लेकर 1992 तक व्हाइट पर रिपब्लिकन का ही क़ब्ज़ा रहा ( 1976-1980 को छोड़कर जब वाटरगेट घोटाले के बाद जिमी कार्टर आए थे).

रॉनल्ड रेगन के नेतृ्त्व में रिपब्लिकन पार्टी को बेहद फ़ायद हुआ. कम कर, रक्षा बजट में बढ़ोत्तरी और उनकी साम्यवादी विरोधी नीति ने डेमोक्रेटिक पार्टी को करारी हार दी. 1989 में जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश राष्ट्रपति बने. बुश से पार्टी को काफ़ी उम्मीदें थी लेकिन 1993 में उसे निराशा हाथ लगी. घरेलू समस्याओं से निपटने में विपल रहे बुश प्रशासन के बाद डेम्रोक्रेटिक पार्टी ने व्हाइट हाउस, सिनेट और हाउस ऑफ़ रिप्रिसेंटेविवस पर क़ब्ज़ा जमाया. बिल क्लिंटन (1993-2001)दो बार राष्ट्रपति बने.

बुश का कार्यकाल और इराक़

प्रमुख रिपब्लिकन पार्टी
इब्राहिम लिंकन (1861-1865)
हरबर्ट हूवर ( 1929-1933)
रिचर्ड निक्सन ( 1969-1974)
रॉनल्ड रेगन ( 1981-1989)
जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश (1989-1993)
जॉर्ज डब्ल्यू बुश (2001- अब तक)

इसके बाद वर्ष 2000 में रिपब्लिकन पार्टी ने अपनी उम्मीदें जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश के बेटे जॉर्ज बुश पर लगाईं. वे पॉपुलर वोट में हार गए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद बुश को विजयी घोषित किया गया.

अपने पिता की नीति के उलट जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने क्योटो समझौते से अमरीकी समर्थन वापस ले लिया. करों में कटौती उनकी घरेलू नीति का अहम हिस्सा बनी.

11 सितंबर 2001 में न्यूयॉर्क और पेंटागन पर हमलों ने बुश कार्यकाल की दिशा ही बदल दी. आतंक के ख़िलाफ़ जंग का नया नारा सामने आया. इसका नतीजा ये हुआ कि राष्ट्रपति बुश की रेटिंग में ज़बरदस्त उछाल आया जो एक साल तक रहा. नवबंर 2002 के मध्यावधि चुनाव के समय रिपब्लिकन पार्टी के रणनीतिकारों ने बुश की लोकप्रियता और 11 सितंबर के हमलों को देखते हुए बुश प्रशासन की प्रतिक्रिया का भरपूर इस्तेमाल किया और रिपब्लिकन पार्टी को देशभक्त और राष्ट्रीय सुरक्षा देने वाली पार्टी के रूप में पेश किया. पार्टी को ज़बरदस्त जीत मिली.

1934 के बाद पहली बार पार्टी ने मध्यावधि चुनाव में व्हाइट हाउस और कांग्रेस के दोनों सदनों पर क़ब्ज़ा जमाया. इस वजह से पार्टी का प्रभुत्व काफ़ी बढ़ गया. इस जनादेश का इस्तेमाल राष्ट्रपति बुश ने इराक़ युद्ध पर जाने के लिए किया.

इराक़ युद्ध में मिली शुरुआती सफलता के कारण रिपब्लिकन पार्टी 2004 में व्हाइट हाउस और कांग्रेस पर क़ब्ज़ा रखने में सफल रही. लेकिन 2006 तक आते-आते इराक़ में अमरीकी सैनिकों की मौजूदगी से असंतोष फैलने लगा.

अमरीकी सैनिक बढ़ी संख्या में हताहत होने लगे. नवंबर में हुए मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी हार गई और कांग्रेस के दोनों सदन उसके हाथ से निकल गए.

रिपब्लिकन पार्टी के अंदर ही इराक़ को लेकर सवाल उठने लगे. 2008 राष्ट्रपति अभियान के दौरान पार्टी में ही मतभेद नज़र आए हैं- आगे की राह और इराक़ को लेकर.

इससे जुड़ी ख़बरें
फ़ौज के लिए प्यार जगाने की कोशिश
20 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना
डूबती अर्थव्यस्था की चिंता हर ओर
18 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना
9/11 की बरसी पर श्रद्धांजलि सभाएँ
11 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>