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भारत, अमरीका का संयुक्त सैनिक अभ्यास | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और अमरीका के बीच सैन्य साझेदारी के प्रयासों में लगातार मज़बूती आ रही है. इसका ताज़ा प्रमाण हाल के एक साझा अभियान से पुख़्ता हो रहा है. आजकल अमरीकी प्रांत नेवादा में भारतीय वायुसेना के पायलट अमरीकी वायुसैनिकों के साथ एक संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं. दोनों देशों के वायुसैनिकों का यह संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास तकनीक की दृष्टि से काफी अगले दर्जे का है. जानकारी के मुताबिक भारतीय वायुसेना के पायलटों को बाकी प्रशिक्षण के अलावा इस अभ्यास सत्र में रूसी सुखोई विमान एसयू-30 को उड़ाने का भी मौका मिलेगा. हालांकि इस अभ्यास कार्यक्रम में अमरीका के साथ केवल भारत ही नहीं है. दक्षिणी कोरिया और फ़्रांस के वायुसैनिक भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं. उधर एक अमरीकी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इन देशों की सेनाओं का यह अभ्यास किसी एक देश विशेष को निशाना बनाते हुए नहीं की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि यह समझा जा सके कि बड़े अभियानों की स्थिति में सेनाएं एकसाथ कैसे काम कर सकेंगी. संवाददाताओं का कहना है कि अमरीका के साथ भारत के वायुसैनिकों का यह ताज़ा अभ्यास और प्रशिक्षण इस बात का साफ़ संकेत है कि दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी किस तरह से बढ़ती जा रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत और चीन के बीच सैन्य अभ्यास19 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस भारत-अमरीका संयुक्त अभ्यास का विरोध07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'युद्धाभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार'04 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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