|
'युद्धाभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने घोषणा की है कि वामपंथी दलों के विरोध के बावजूद भारत और अमरीकी वायुसेना का संयुक्त अभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार होगा. दोनों देशों के बीच सात नवंबर को पश्चिन बंगाल में संयुक्त अभ्यास होना है. यह फ़ैसला गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति में लिया गया. इसके बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी की बैठक हुई और उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धादेव भट्टाचार्य और सीपीएम के अन्य नेताओं से बातचीत कर यह फ़ैसला लिया. रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोलकाता के नज़दीक कलईकुंडा हवाई आधार पर तय कार्यक्रम के अनुसार अभ्यास होगा और सारा मामला सुलझा लिया गया है. ग़ौरतलब है कि वामपंथी दलों ने अमरीका के साथ युद्धाभ्यास के विरोध करने की घोषणा की हुई है. रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से इस संबंध में बातचीत की गई है और राज्य सरकार से इस युद्धाभ्यास के लिए ज़रूरी सुरक्षा इंतज़ाम की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है. रक्षा मंत्री का कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का सभी राजनीतिक दलों को अधिकार है और वामपंथी दल भी ऐसा कर सकते हैं. इसके पहले सीपीएम ने घोषणा की थी कि वामपंथी दलों के लाखों कार्यकर्ता इसका विरोध करेंगे. अमरीका के साथ वायु सेना के संयुक्त अभ्यास के विरोध में गुरुवार को सीपीएम, सीपीआई, आरएसपी और फोरवर्ड ब्लाक ने एक साझा बयान जारी किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत-अमरीकी युद्धाभ्यास | भारत और पड़ोस भारत-रूस नौसैनिक अभ्यास | भारत और पड़ोस चीन और भारत का संयुक्त सैन्य अभ्यास06 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस भारत और चीन का संयुक्त अभ्यास14 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस आतंकवाद पर पाक-चीन सैन्य अभ्यास 04 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||