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ओबामा ने तेल भंडार खोलने को कहा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बराक ओबामा ने ऊर्जा ज़रूरतों और अमरीकी अर्थव्यवस्था पर इसके असर को लेकर अपनी योजना स्पष्ट की है. बराक ओबामा ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों को कम करने के लिए अमरीका को 70 मिलियन बैरल तेल जारी करना चाहिए. उन्होंने अलास्का में संरक्षित रखे गए पेट्रोलियम भंडार को भी जारी करने की वकालत की. माना जा रहा है कि ये मुद्दा नवंबर में होनेवाले अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में अहम भूमिका निभा सकता है. ओबामा का कहना था कि अमरीकी राजनीतिज्ञ पिछले तीन दशकों में ऊर्जा संकट से निपटने में नाकाम रहे हैं और रिपब्लिकन प्रत्याशी जॉन मैकेन इस 'असफलता के साझीदार' हैं. इसके पहले ओबाम ने अपने एक भाषण में कहा था कि रिपब्लिकन प्रत्याशी मैकेन दरअसल उसी आर्थिक नीति के पैरोकार हैं जो वर्तमान राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की है. दरअसल, दुनिया के कई देशों की तरह अमरीका भी आर्थिक मंदी के बुरे दौर से गुज़र रहा है और इसके समाधान की कोशिशें कारगर साबित नहीं हो रही हैं. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के बढ़ते दामों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है और इसका असर बाज़ार पर देखने को मिल रहा है. ऐसे में जबकि अमरीका में राष्ट्रपति का चुनाव इस वर्ष के अंत में होना है, तेल इसमें एक अहम मुद्दा बनता जा रहा है. और दोनों ही पार्टियाँ रिपब्लिकन और डेमोक्रेट इस मुद्दे पर पीछे नहीं रहना चाहती हैं. |
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