BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 31 जुलाई, 2008 को 06:50 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'अप्रसार क्षेत्र में क़रार बड़ी सफलता'
आईएईए
भारत को आईएईए से सुरक्षा समझौता करना है
शुक्रवार को परमाणु सुरक्षा के मामले पर होने वाली अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की बैठक से पहले अमरीका ने कहा है कि भारत का समझौता परमाणु अप्रसार मामले में एक बड़ी कामयाबी है.

अमरीका इस समय आईएईए और परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों (एनएसजी) के बीच भारत-अमरीका असैनिक परमाणु समझौते के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है.

आईएईए में अमरीका के राजदूत ग्रेगरी एल शटल ने इस सुरक्षा समझौते को भारत के हक़ में फ़ायदेमंद बताया और कहा कि ये समझौता 'एक अच्छी ख़बर' है.

शटल ने कहा कि भारत के साथ सुरक्षा समझौते के बाद संयुक्त राष्ट्र के निगरानीकर्ता भारत के असैन्य परमाणु केंद्रों का दौरा कर सकेंगे.

शुक्रवार एक अगस्त को आईएईए का बोर्ड ऑफ गवर्नर्स भारत के सुरक्षा समझौते पर ग़ौर करने जा रहा है.

ग्रेगरी शटल ने कहा कि आईएईए से मंज़ूरी मिल जाने के बाद भारत एनएसजी देशों के साथ समझौते कर सकेगा, जो कि वो पिछले तीन दशकों से नहीं कर पा रहा था.

आईएईए की इस बैठक में शामिल होने के लिए भारत के परमाणु मामले के उच्चाधिकारी ऑस्ट्रिया की राजधानी वियाना पहुँच चुके हैं.

ये अधिकारी परमाणु सुरक्षा मामले में भारत का पक्ष रखने के साथ-साथ एनएसजी सदस्य देशों के अधिकारियों से भी मुलाक़ात करेंगे ताकि भारत-अमरीका परमाणु संधि के लिए जल्द से जल्द हरी झंडी मिल जाए.

काकोदकर मिलेंगे अधिकारियों से

सूत्रों के मुताबिक अमरीका ने पिछले दिनों 45 एनएसजी देशों को एक मसौदा भिजवाया था जिसमें समझौते के बाद परमाणु परीक्षण करने या सीटीबीटी का कहीं ज़िक्र नहीं था.

समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि इस बात ने भारत के परमाणु क़रार से जुड़े अधिकारियों को कुछ नाराज़ भी किया था.

इस मसौदे के बाद से ही परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल काकोदकर ने भाग-दौड़ तेज़ कर दी थी.

एक अगस्त को होने वाली बैठक के बाद अमरीका एनएसजी देशों को एक आखिरी दस्तावेज़ जारी करेगा जिसमें भारत की माँगों पर ग़ौर करने की बात होगी.

काकोदकर आईएईए के 35 सदस्य देशों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से भी एक-एक कर मुलाक़ात कर रहे हैं और एनएसजी सदस्य देशों के अधिकारियों से भी मिलेंगे.

अनिल काकोदकरसामरिक कार्यक्रम
अनिल काकोदकर का कहना है कि सामरिक कार्यक्रम पर समझौता नहीं हो सकता.
वामपंथी नेतासरकार और वामपंथ
भारत-अमरीका परमाणु समझौते का भविष्य क्या वास्तव में आशाजनक है?
भारत का परमाणु संयंत्रभारत का परमाणु सफ़र
भारत के परमाणु कार्यक्रम में कई उतार-चढ़ाव आए. एक विश्लेषण.
बुश-मनमोहनचिंतित हैं वैज्ञानिक
अमरीका से हुई परमाणु सहमति पर क्या हैं भारतीय वैज्ञानिकों की चिंताएँ?
इससे जुड़ी ख़बरें
'सामरिक कार्यक्रम पर समझौता नहीं'
26 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस
परमाणु समझौते पर गेट्स आशावान
27 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
परमाणु सहमति भारत के हित में?
22 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस
परमाणु सौदे पर अमरीका की चेतावनी
20 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
परमाणु सहमति का मसौदा सार्वजनिक
03 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस
परमाणु समझौते का एक साल पूरा
18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस
भारत-अमरीका सहमति ऐतिहासिक क्यों?
02 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>