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ग्रीनहाउस गैसों में कमी पर सहमति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जी-8 की बैठक के दौरान विश्व भर ने नेताओं के बीच 2050 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन मे 50 प्रतिशत तक की कमी करने के लक्ष्य पर सहमति बनी है. जापान में हो रहे इस सम्मेलन में कल देर रात तक चली वार्ताओं के बाद जापान के प्रधानमंत्री यासुओ फुकुदा ने इस संबंध में घोषणा की. पिछले साल जी-8 की बैठक के दौरान इस मामले में 'गंभीर विचार' करने पर ही सहमति बनी थी. विश्व भर के नेताओं ने तेल की बढ़ती क़ीमतों पर भी चिंता जताई. सम्मेलन में मौजूद बीबीसी संवाददाता ब्रिगेट केंडल ने बताया कि सम्मेलन में तेल और खाद्य पदार्थों की बढती कीमतों का कोई कारण नहीं बताया गया और न ही इससे निपटने के लिए किसी ठोस उपाय ही सुझाए गए. जी-8 नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि वो जलवायु परिवर्तन संधि पर हस्ताक्षर कर चुके संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के साथ मिलकर 2050 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में 50 प्रतिशत तक की कमी करेंगे. बयान के अनुसार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय योजनाओं में बदलाव करने होंगे. सम्मेलन को संबोधित करते हुए जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि वो इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए चीन और भारत से उत्सर्जन में कमी करने की अपील करेंगे. जहां अमरीकी अधिकारियों ने साझा बयान को सफलता करार दिया वहीं दक्षिण अफ़्रीका के पर्यावरण मंत्री मार्थिनस वैन स्कालक्वेक ने इसकी आलोचना की है. पर्यावरवादी संगठन डब्ल्यू डब्ल्यू एफ का कहना है कि 2050 की समयसीमा बहुत लंबी है और इस दिशा में प्रगति अत्यंत ख़राब. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रदूषण में कटौती पर ठोस निर्णय नहीं18 नवंबर, 2006 | विज्ञान जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सहमति 15 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान तापमान की स्थिति बदतर हो सकती है20 अक्तूबर, 2007 | विज्ञान चीन बना सबसे बड़ा प्रदूषक देश15 अप्रैल, 2008 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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