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रविवार को शपथ ले सकते हैं मुगाबे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ज़िम्बाब्वे में अतंरराष्ट्रीय समुदाय के विरोध, विपक्ष के बहिष्कार और धांधली के आरोपों के बीच संपन्न हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव के बाद रॉबर्ट मुगाबे रविवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण कर सकते हैं. हालांकि चुनाव अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति पद के चुनाव नतीजे कुछ देर से ही आएंगे पर परिणाम को लेकर किसी तरह की शंका भी नहीं है. वजह यह है कि राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे इस चुनाव में एकमात्र उम्मीदवार हैं. उनके प्रतिद्वंद्वी और विपक्षी पार्टी के उम्मीदवार मॉर्गन चांगिरई ने अपने समर्थकों के साथ हुई हिंसा के विरोध में अपना नाम वापस ले लिया था. उधर ज़िम्बाब्वे पर शुक्रवार को हुए मतदान के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव लगातार बढ़ रहा है. यहाँ तक कि सुरक्षा परिषद ने भी शुक्रवार को हुए मतदान को बेहद अफ़सोसजनक बताया था और इसकी निंदा की थी. बेपरवाह मुगाबे इन सारी स्थितियों के ख़िलाफ़ जाकर रॉबर्ट मुगाबे ने देश में दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए मतदान करवाया और अकेले प्रत्याशी होने के कारण अब उनकी ताजपोशी की रास्ता साफ़ नज़र आ रहा है. अभी तक की ताज़ा जानकारी के मुताबिक पूरे चुनाव परिणाम तो नहीं आ सके हैं पर रुझानों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि रविवार को शाम तक मुगाबे शपथ ग्रहण कर सकते हैं. रविवार को ही शपथ ग्रहण की संभावना इसलिए भी अधिक है क्योंकि मुगाबे इसके बाद सोमवार को अफ्रीकन युनियन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मिश्र जाने वाले हैं. पर मुगाबे के लिए राष्ट्रपति का ताज इतना आसान भी नहीं है. क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों ने अभी तक इस चुनाव को लेकर कोई फ़ैसला नहीं दिया है और अगर अपने फ़ैसले में पर्यवेक्षक इस चुनाव को अवैध करार देते हैं तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ ही पड़ोसी देशों का दबाव भी ज़िम्बाब्वे पर बढ़ेगा. साथ ही ज़िम्बाब्वे की मान्यता रद्द होने तक की नौबत आ सकती है. ज़िम्बाब्वे में शुक्रवार को दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए मतदान करवाया गया क्योंकि वहाँ मार्च में हुए चुनाव में कोई नतीजा नहीं निकल पाया था. | इससे जुड़ी ख़बरें ज़िम्बाब्वे में मतदान पर अफ़सोस28 जून, 2008 | पहला पन्ना ज़िम्बाब्वे में विवादास्पद मतदान27 जून, 2008 | पहला पन्ना 'ज़िम्बाब्वे में निष्पक्ष चुनाव असंभव'24 जून, 2008 | पहला पन्ना 'एएनसी ज़िम्बाब्वे स्थिति पर निराश'24 जून, 2008 | पहला पन्ना ज़िम्बाब्वे में चुनाव टाल दिए जाएँ: मून23 जून, 2008 | पहला पन्ना ज़िम्बाब्वे: विरोध के बावजूद चुनाव होंगे23 जून, 2008 | पहला पन्ना चांगिरई ने डच दूतावास में शरण ली23 जून, 2008 | पहला पन्ना दूसरे दौर के चुनाव से हटे चांगिरई22 जून, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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