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चांगिरई ने डच दूतावास में शरण ली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ज़िम्बाब्वे में विपक्ष के नेता मॉर्गन चांगिरई ने राजधानी हरारे में डच दूतावास में शरण ली है. डच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि चांगिरई रात को डच दूतावास में रहे लेकिन उन्होंने राजनीतिक शरण नहीं माँगी है. डच विदेश मंत्री मैक्सिम वरहेगन ने कहा है कि अगर चांगिरई दूतावास में इसलिए आए हैं कि उन्हें सुरक्षित जगह चाहिए तो उनका स्वागत है. रविवार को उन्होंने घोषणा की थी कि वे ज़िम्बाब्वे में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि सत्ताधारी पार्टी के मिलिशिया बड़े पैमाने पर हिंसा कर रहे हैं. ज़िम्बाव्बे के अधिकारियों ने कहा है कि दूसरे चरण का मतदान होगा. लेकिन बोस्तवाना के विदेश मंत्री का कहना है कि दक्षिणी अफ़्रीकी विकास समुदाय के नेताओं को तय करना होगा कि वर्तमान हालात में क्या ज़िम्बाब्वे में वैधानिक राष्ट्रपति चुना जा सकता है या नहीं. उधर अमरीका की विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि अब रॉबर्ट मुगाबे की सत्ता को वैध नहीं माना जा सकता. जबकि ज़िम्बाब्वे के न्याय मंत्री का कहना है कि अभी तक मॉर्गन चांगिरई ने चुनाव में हिस्सा न लेने का औपचारिक नोटिस नहीं दिया है. ज़िम्बाम्बे की स्थिति मॉर्गन चांगिरई का आरोप है कि दूसरे चरण के चुनाव से पहले मुगाबे के समर्थकों ने उनके 86 समर्थकों को मारा है. चांगिरई ने कहा है कि वो सत्तारूढ़ ज़ानू-पीएफ़ पार्टी की ओर से जारी हिंसा का विरोध करते हैं और इससे जनता को बचाने के लिए अपनी उम्मीदवारी वापस ले रहे हैं. दूसरी ओर राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने हाल में हुई हिंसा के लिए विपक्षी पार्टी मूवमेंट फॉर डेमोक्रैटिक चेंज (एमडीसी) को ज़िम्मेदार ठहराया है. पड़ोसी देश ज़ाम्बिया के नेता लेवी म्वानावासा ने कहा है कि ताज़ा हालात में चुनाव कराना पूरे क्षेत्र के लिए शर्मिंदगी की बात होगी. इस बीच अफ़्रीक देशों के संगठन (एयूसी) के चेयरमैन जीन पेंग ने कहा है कि वो ताज़ा स्थिति से चिंतित हैं. राष्ट्रपति पद के लिए मार्च महीने में हुए चुनाव के नतीजे काफ़ी देरी से मई में घोषित किए गए थे. उसमें आधिकारिक रूप से चेंगरई को 47.9 फ़ीसदी और मुगाबे को 43.2 फ़ीसदी मत मिले थे और इसी कारण से राष्ट्रपति चुनाव के विजेता का फ़ैसला करने के लिए दोबारा चुनाव कराए जा रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें दूसरे दौर के चुनाव से हटे चांगिरई22 जून, 2008 | पहला पन्ना मुगाबे ने हिंसा के आरोप झूठे बताए21 जून, 2008 | पहला पन्ना चांगिराई दो महीने बाद ज़िम्बाब्वे लौटे24 मई, 2008 | पहला पन्ना राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों की घोषणा02 मई, 2008 | पहला पन्ना चांगिराई की स्पष्ट जीत-अमरीका24 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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