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ज़िम्बाब्वे: विरोध के बावजूद चुनाव होंगे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ज़िम्बाब्वे के अधिकारियों ने कहा है कि विरोध के बावजूद राष्ट्रपति चुनाव के अगले चरण के मतदान होंगे. विपक्षी नेता चांगिरई ने उम्मीदवारी वापस ले ली है. ज़िम्बाब्वे के विधि मंत्री पैट्रिक चिनामासा ने कहा कि विपक्षी नेता मॉर्गन चांगिरई ने उम्मीदवारी वापस लेने का नोटिस नहीं भेजा है. चांगिरई का कहना है कि वो सत्तारूढ़ ज़ानू-पीएफ़ पार्टी की ओर से जारी हिंसा का विरोध करते हैं और इससे जनता को बचाने के लिए अपनी उम्मीदवारी वापस ले रहे हैं. उनके इस फ़ैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ज़िम्बाब्वे सरकार की फिर आलोचना की है. दूसरी ओर राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने हाल में हुई हिंसा के लिए विपक्षी पार्टी मूवमेंट फॉर डेमोक्रैटिक चेंज (एमडीसी) को ज़िम्मेदार ठहराया है. पड़ोसी देश ज़ाम्बिया के नेता लेवी म्वानावासा ने कहा है कि ताज़ा हालात में चुनाव कराना पूरे क्षेत्र के लिए शर्मिंदगी की बात होगी. इस बीच अफ़्रीक देशों के संगठन (एयूसी) के चेयरमैन जीन पेंग ने कहा है कि वो ताज़ा स्थिति से चिंतित हैं. राष्ट्रपति पद के लिए मार्च महीने में हुए चुनाव के नतीजे काफ़ी देरी से मई में घोषित किए गए थे. उसमें आधिकारिक रूप से चेंगरई को 47.9 फ़ीसदी और मुगाबे को 43.2 फ़ीसदी मत मिले थे और इसी कारण से राष्ट्रपति चुनाव के विजेता का फ़ैसला करने के लिए दोबारा चुनाव कराए जा रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें दूसरे दौर के चुनाव से हटे चांगिरई22 जून, 2008 | पहला पन्ना मुगाबे ने हिंसा के आरोप झूठे बताए21 जून, 2008 | पहला पन्ना चांगिराई दो महीने बाद ज़िम्बाब्वे लौटे24 मई, 2008 | पहला पन्ना राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों की घोषणा02 मई, 2008 | पहला पन्ना चांगिराई की स्पष्ट जीत-अमरीका24 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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