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हिज़्बुल्ला जासूस को वापस भेजा गया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिज़्बुल्ला के लिए जासूसी के आरोप में दोषी पाए गए इसराइली नागरिक निसिम नसीर को लेबनान निर्वासित कर दिया गया है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि दोनों पक्षों ने क़ैदियों को छोड़ा है. हिज़्बुल्ला ने 2006 में हुए युद्ध के दौरान मारे गए इसराइली सैनिकों के अवशेष रेड क्रॉस के ज़रिए लौटा दिए हैं. निसिम नसीर का जन्म लेबनान में हुआ था. उनका माँ यहूदी हैं और पिता शिया मुस्लिम हैं. नसीर ने 1982 में लेबनान छोड़ दिया था और इसराइली नागरिक बन गए थे. उन पर हिज़्बुल्ला के लिए जासूसी करने का आरोप था. नसीर का सज़ा ख़त्म होने के बाद इसराइल ने उनकी नागरिकता समाप्त कर दी थी. उन्हें लेबनान के शहर नकुरा में रेड क्रॉस के हवाले कर दिया गया. हिज़्बुल्ला ने इस मौके पर जश्न का आयोजन किया है. अगर इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच क़ैदियों का आदान-प्रदान होता है तो इसमें उन दो इसराइली सैनिकों की रिहाई भी शामिल हो सकती है जिन्हें हिज़्बुल्ला ने 2006 में पकड़ लिया था. इसी वजह से दोनों पक्षों में युद्ध छिड़ गया था जो 33 दिन चला. हिज़्बुल्ला ने रिहाई की अटकलों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसराइली नागरिक नसीर की रिहाई से स्पष्ट है कि पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें लेबनान में गुटों के बीच सहमति21 मई, 2008 | पहला पन्ना पश्चिमी बेरूत पर हिज़बुल्लाह का क़ब्ज़ा09 मई, 2008 | पहला पन्ना लेबनान से इसराइल में रॉकेट हमले17 जून, 2007 | पहला पन्ना लेबनान में संघर्ष, 40 से ज़्यादा मरे20 मई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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