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चीन में मृतक संख्या 15 हज़ार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के सिचुआन प्रांत में सोमवार को आए भूकंप से हुई भारी तबाही में मारे गए लोगों की संख्या 15 हज़ार तक पहुँच गई है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ख़बर दी है कि हज़ारों और लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं और जीवितों की तलाश की जा रही है. इंगश्यू शहर में ढही इमारतों से अभी भी चीखने की आवाज़ें सुनाई दे रही है. सोमवार को आया वह भूकंप रिक्टर पैमाने पर 7.9 मापा गया था. उससे अनेक स्थानों पर ज़मीन धँस गई और इमारतें धराशायी हो गईं. हज़ारों घर तबाह हो गए और अनेक स्थानों पर तो पूरे गाँव के गाँव ही धराशायी हो गए. अनेक स्थानों पर स्कूलों की इमारतें भी गिर गईं जिनमें अनेक बच्चे और शिक्षक दब गए. जान-माल की क्षति का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि दस हज़ार की आबादी वाले इस शहर में सिर्फ़ दो हज़ार तीन सौ लोग जीवित बचे हैं. ख़राब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्यों में लगातार बाधा पहुँच रही है. लगभग 50 हज़ार सैनिकों को राहत और बचाव कार्य चलाने के लिए मुस्तैद किया गया है. भीषण भूकंप इसे चीन में पिछले 30 वर्षों आया सबसे भीषण भूकंप बताया जा रहा है.
मंगलवार रात राहत दल वेनचुयान पहुँचा जो भूकंप के केंद्र में था. यहाँ लगभग 60 हज़ार लोग लापता हैं. राहत दल ने कुछ ही घंटों में 500 शवों को बाहर निकाला है. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक इंगश्यू से तीन सौ घायल लोगों को बाहर निकाला गया है. सरकारी अधिकारी ई बियाओ का कहना था, "मलबे में फंसे लोग मदद के लिए चीख रहे थे लेकिन कोई उन्हें बचा नहीं सकता था क्योंकि राहत और बचाव दल के लोग नहीं पहुँचे थे." चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने राहतकर्मियों से अनुरोध किया है कि वे पूरी मेहनत से काम करें. उनके हवाले से सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा है, "लोगों की जान और उनके सामान को बचाना हमारी प्राथमिकताएँ हैं. बहुत से लोग अब भी मलबे में फँसे हुए हैं. लोगों को बचाने के लिए हर क्षण महत्वपूर्ण है." लेकिन राहतकर्मियों को भीषण बारिश और बुरी तरह क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण काम में ख़ासी दिक्कतें पेश आ रही हैं. भीषण तबाही और दिक्कतें भूकंप के बाद सिचुआन प्रांत में सैकड़ों लोग अब भी इमारतों के मलबे के नीचे दबे हुए हैं. उस क्षेत्र में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सोमवार की रात वहाँ भीषण वर्षा हुई है और हज़ारों लोगों को आपात स्थिति में बनाए गए अस्थायी शिविरों में रात गुज़ारनी पड़ी है.
भूकंप कितना भीषण था इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि दक्षिण-पूर्वी एशिया के कई हिस्सों में इसके झटके महसूस किए गए. भूकंप के केंद्र रहे क्षेत्र में तो 80 प्रतिशत तक इमारतें ध्वस्त हो गई हैं. इनमें स्कूल, अस्पताल और रासायनिक कारखाने भी हैं. एक स्कूल की तीन मंज़िला इमारत पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है जिसमें भूकंप के वक्त नौ सौ बच्चे मौजूद थे. बताया जा रहा है कि इन बच्चों में से 50 के मरने की पुष्टि हो गई है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक तीन मंज़ली इमारत के मलबे में दबे बच्चे बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे और बच्चों के माता-पिता बेसहारा खड़े देख रहे थे. दो लड़कियों ने बताया कि वे इसलिए बच पाईं क्योंकि वे बाकी बच्चों से तेज़ भाग रही थीं. मदद की अपील चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने भूकंप से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने की अपील की है. इस भूकंप के झटके बीजिंग और थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किए गए. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक भूकंप प्रभावित इलाक़े से काफ़ी तेज़ी से जानकारी मिल रही है और किसी भी आपदा को लेकर चीनी सरकारी मीडिया की ये सबसे तेज़ प्रतिक्रिया थी. चीन में मार्च में ही जिंगजियांग प्रांत में 7.2 तीव्रता वाला भूकंप आया था. | इससे जुड़ी ख़बरें चीन में भीषण भूकंप, हज़ारों की मौत12 मई, 2008 | पहला पन्ना उत्तर भारत में भूकंप के हल्के झटके23 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस गुजरात में भूकंप के हल्के झटके08 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस प्राकृतिक आपदाओं से नहीं निपट पातीं सरकारें 10 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस दिल्ली में भूकंप के हल्के झटके03 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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