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चीन में हज़ारों हताहत, राहत कार्यों में कुछ तेज़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण-पश्चिमी चीन में स्थित सिचुआन प्रांत में सोमवार को आए भूकंप में लगभग 10 हज़ार लोगों के मारे जाने की ख़बर मिली है. कई अन्य घायल हुए हैं और हज़ारों अब भी मलबे में दबे हुए हैं. इसे चीन में पिछले 30 वर्षों आया सबसे भीषण भूकंप बताया जा रहा है. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 मापी गई. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक मिंयांज़ु शहर में ही कम से कम दस हज़ार लोग मलबे में दबे हुए हैं. भूकंप के बाद 1300 सैनिकों और चिकित्सकों का दल वेनचुयान पहुँचा है जहाँ अब तक पहुँचना संभव नहीं था. चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने राहतकर्मियों से अनुरोध किया है कि वे पूरी मेहनत से काम करें. उनके हवाले से सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा है, "लोगों की जान और उनके सामान को बचाना हमारी प्राथमिकताएँ हैं. बहुत से लोग अब भी मलबे में फँसे हुए हैं. लोगों को बचाने के लिए हर क्षण महत्वपूर्ण है." लेकिन राहतकर्मियों को भीषण बारिश और बुरी तरह क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण काम में ख़ासी दिक्कतें पेश आ रही हैं. भीषण तबाही और दिक्कतें भूकंप के बाद सिचुआन प्रांत में सैकड़ों लोग अब भी इमारतों के मलबे के नीचे दबे हुए हैं. उस क्षेत्र में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सोमवार की रात वहाँ भीषण वर्षा हुई है और हज़ारों लोगों को आपात स्थिति में बनाए गए अस्थायी शिविरों में रात गुज़ारनी पड़ी है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चीन सरकार ने 50 हज़ार सैनिकों को राहत कार्यों के लिए प्रभावित इलाक़े में भेजा है और लगभग 16 हज़ार वहाँ पहुँच गए हैं. हालांकि प्रभावित लोगों तक राहत पहुँचा पाने में सरकार को बहुत दिक्कत पेश आ रही है क्योंकि कई जगहों पर सड़कें ध्वस्त हो गई हैं.
भूकंप कितना भीषण था इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि दक्षिण-पूर्वी एशिया के कई हिस्सों में इसके झटके महसूस किए गए. भूकंप के केंद्र रहे क्षेत्र में तो 80 प्रतिशत तक इमारतें ध्वस्त हो गई हैं. इनमें स्कूल, अस्पताल और रासायनिक कारखाने भी हैं. एक स्कूल की तीन मंज़िला इमारत पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है जिसमें भूकंप के वक्त नौ सौ बच्चे मौजूद थे. बताया जा रहा है कि इन बच्चों में से 50 के मरने की पुष्टि हो गई है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक तीन मंज़ली इमारत के मलबे में दबे बच्चे बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे और बच्चों के माता-पिता बेसहारा खड़े देख रहे थे. दो लड़कियों ने बताया कि वे इसलिए बच पाईं क्योंकि वे बाकी बच्चों से तेज़ भाग रही थीं. माना जा रहा है कि बेचुआन प्रांत में करीब दस हज़ार लोग घायल हुए हैं. भीषण भूकंप की वजह से दूरसंचार व्यवस्था बुरी तरह बाधित हुई है. मदद की अपील चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने भूकंप से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने की अपील की है. इस भूकंप के झटके बीजिंग और थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किए गए. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक भूकंप प्रभावित इलाक़े से काफ़ी तेज़ी से जानकारी मिल रही है और किसी भी आपदा को लेकर चीनी सरकारी मीडिया की ये सबसे तेज़ प्रतिक्रिया थी. चीन में मार्च में ही जिंगजियांग प्रांत में 7.2 तीव्रता वाला भूकंप आया था. | इससे जुड़ी ख़बरें चीन में भीषण भूकंप, हज़ारों की मौत12 मई, 2008 | पहला पन्ना उत्तर भारत में भूकंप के हल्के झटके23 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस गुजरात में भूकंप के हल्के झटके08 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस प्राकृतिक आपदाओं से नहीं निपट पातीं सरकारें 10 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस दिल्ली में भूकंप के हल्के झटके03 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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