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सेना-शिया लड़ाकों के बीच संघर्षविराम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बग़दाद से मिल रही जानकारी के मुताबिक इराक़ सरकार शिया कट्टरपंथी नेता मुक्तदा अल सद्र के समर्थकों के साथ एक संघर्षविराम पर सहमत हो गई है. माना जा रहा है कि यह समझौता रविवार से लागू हो सकेगा और अगर ऐसा होता है तो पिछले कई हफ़्तों से चल रहे संघर्ष को रोकने में मदद मिलेगी. ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ सप्ताहों से इराक़ सरकार और शिया कट्टरपंथी लड़ाकों के बीच सशस्त्र संघर्ष जारी है जिसमें अबतक सैकड़ों लोगों की जानें जा चुकी हैं. संघर्ष के दौरान मौतों के अधिकतर मामले राजधानी बग़दाद के पूर्वी हिस्से में स्थित सद्र शहर में सामने आए. इराक़ की सेना और पुलिस शिया कट्टरपंथी नेता मुक्तदा अल सद्र के समर्थकों और मेहंदी सेना के लड़ाकों के साथ संघर्ष कर रही है. इराक़ सरकार के इस अभियान में विदेशी सेनाओं के सैनिकों ने भी साथ दिया. अभी तक ज़्यादा नुकसान शिया लड़ाकों को ही उठाना पड़ा है पर कहीं-कहीं आम लोग भी इस संघर्ष का निशाना बने हैं. इस संघर्ष के दौरान सद्र शहर की ओर जाने वाले रास्ते विस्फोटकों से उड़ा दिए गए थे जिसकी वजह से पीने के पानी और दवाओं जैसी ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति ठप पड़ी थी. मुहिम तेज़ इधर इराक़ी सेना ने बताया है कि उत्तरी हिस्से में स्थित मोसुल शहर में भी अल क़ायदा और उससे जुड़े संगठनों के ख़िलाफ़ एक बड़ा अभियान शुरू किया जा चुका है. जानकारी मिली है कि इस इलाके में कई अल क़ायदा नेताओं के ख़िलाफ वारंट भी जारी कर दिए गए हैं. मोसुल में कर्फ़्यु घोषित कर दिया गया है. दरअसल, मोसुल वो इलाक़ा है जिसके बारे में इराक़ सरकार का मानना है कि यह वो आख़िरी शहरी इलाका है जहाँ अल क़ायदा की पकड़ मज़बूत है. | इससे जुड़ी ख़बरें शिया कट्टरपंथियों के ख़िलाफ़ संघर्ष जारी22 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना शिया नेता ने 'खुली लड़ाई' की चेतावनी दी20 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना सद्र ने मेहदी आर्मी को वापस बुलाया30 मार्च, 2008 | पहला पन्ना इराक़ के शिया इलाक़ों में हिंसा फैली26 मार्च, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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