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मंगलवार, 06 मई, 2008 को 22:31 GMT तक के समाचार
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अमरीका: डेमोक्रेटिक पार्टी में चिंता बढ़ी

ओबामा और हिलेरी
ओबामा और हिलेरी के बीच शुरु से अब तक कांटे की टक्कर चल रही है
अमरीका में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में एक और अहम पड़ाव गुज़र गया, लेकिन दोनों उम्मीदवारों- बराक ओबामा और हिलेरी क्लिंटन के बीच के फ़ासले में भी कोई ख़ास अंतर नहीं आया.

नॉर्थ कैरोलाइना में एक भारी जीत हासिल करके बराक ओबामा ने दिखाया कि पिछले कुछ हफ़्तों में हिलेरी क्लिंटन के सामने उनके जो कदम लड़खड़ाते नज़र आए थे अब संभल चुके हैं.

इंडियाना में वो हारे लेकिन इतने कम अंतर से कि उनका कैंप इसे भी एक जीत की तरह ही दिखा रहा है.

और मंगल की रात अपने भाषण में उन्होंने ऐसा रूख अपनाया जैसे उम्मीदवारी उनके झोली में आ गई हो, और वो अगले प्राइमरी के वोटरों से नहीं बल्कि पूरे देश के वोटरों को संबोधित कर रहे थे.

हिलेरी क्लिंटन से ज़्यादा वो रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉन मैकेन पर निशाना साध रहे थे.

पीछे नहीं हटेंगी हिलेरी

बराक ओबामा की जीत ने भले ही उनके कदम मज़बूत किए हों, लेकिन हिलेरी क्लिंटन ने भी एलान कर दिया कि वो पीछे हटने वाली नहीं.

उन्होंने यहां तक कहा कि बराक ओबामा ने कहा था कि पेंसिलवैनिया वो हारेंगे, नॉर्थ कैरोलाइना वो जीतेंगे और फ़ैसला इंडियाना से होगा....तो फ़ैसला हो गया है और वो पूरी तेज़ी से व्हाइट हाउस की ओर बढ़ रही हैं.

जहां हिलेरी क्लिंटन कैंप में इस तरह के बयान जोश भर रहे हैं वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी की चिंता की रेखाएं और गहरी हो रही हैं.

अभी तक हुए चुनावों में न ओबामा के पास इतने प्रतिनिधि या डेलिगेट्स हैं कि वो स्पष्ट विजेता घोषित किए जा सकें न हिलेरी क्लिंटन के पास, बचे हुए अगले पाँच चुनावों में भी ऐसा हो पाए ये लगता नहीं है.

फ़ैसला तभी होगा जब या तो एक उम्मीदवार दूसरे के हक में मैदान छोड़ दें या फिर पार्टी के सुपरडेलिगेट्स जिनकी संख्या 800 है उनमें से ज़्यादातर किसी एक उम्मीदवार के साथ हो लें.

हिलेरी क्लिंटन उनके सामने दलील रख रही हैं कि नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव में जॉन मैकेन को वही हरा सकती हैं क्योंकि ओबामा रिपब्लिकन पार्टी के सामने नहीं टिक पाएंगे.

लेकिन सच्चाई ये भी है कि ओबामा के पास डेलिगेट्स ज़्यादा हैं, कुल वोट ज़्यादा हैं, और उन्होंने ज़्यादा राज्यों में जीत हासिल की है.

और उन्हें उम्मीदवारी नहीं मिली तो संदेश ये जाएगा कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने एक काले उम्मीदवार से उसका हक छीन लिया और पार्टी में भारी दरार आ सकती है.

और शायद ये बड़ी वजह होगी कि हिलेरी क्लिंटन पर दबाव बढ़ेगा कि वो अब मैदान छोड़ दें.

लेकिन फ़िलहाल हिलेरी क्लिंटन वेस्ट वर्जिनिया का रूख कर चुकी हैं जहां 13 मई को चुनाव होंगे और जहां उनकी जीत के आसार हैं

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