|
ईरान नीति में बदलाव का खंडन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा है कि मध्य पूर्व में अमरीकी नौसैनिक कमांडर एडमिरल विलियम फ़ेलॉन के इस्तीफ़ा देने से यह नहीं झलकता कि अमरीका की ईरान नीति में कोई बदलाव आया है. ग़ौरतलब है कि इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेनाओं के चीफ़ कमांडर विलियम फ़ेलॉन ने मंगलवार को यह कहते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था कि ऐसी ख़बरें फैल रही थीं कि राष्ट्रपति बुश के साथ उनके कुछ मतभेद हैं. हाल ही में प्रकाशित एक लेख में कहा गया था कि एडमिरल फ़ेलॉन ने ईरान पर हमले की योजना का विरोध किया था. यह विवाद एस्क्वायर पत्रिका के अप्रेल महीने के संस्करण में प्रकाशित उस लेख से भड़का है जिसमें कहा गया है कि एडमिरल विलियम फ़ेलॉन "ऐसे शक्तिशाली व्यक्ति हैं जो बुश प्रशासन और ईरान पर हमले के बीच अड़कर खड़े हो गए हैं." अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने भी डेमोक्रेट्स के इन दावों का खंडन किया है कि एडमिरल विलियम फ़ेलॉन का इस्तीफ़ा इस बात का संकेत है कि व्हाइट हाउस ने उनकी असहमति को दबाने के प्रयास किए हैं. लेकिन रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा है कि ईरान नीति पर राष्ट्रपति जॉर्ड बुश और एडमिरल विलियम फ़ेलॉन के विचारों में कोई बड़ा मतभेद नहीं है. रॉबर्ट गेट्स ने कहा, "यह विचार ही बकवास है कि एडमिरल विलियम फ़ेलॉन के इस्तीफ़े से यह संकेत मिलता है कि अमरीका ईरान पर हमला करने की योजना पर अमल करने जा रहा है." एडमिरल विलियम ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि "अमरीका की नीति के बारे में कभी कोई मतभेद रहे हो." लेकिन एस्क्वायर पत्रिका के मुख्य संपादक डेविड ग्रेंजर ने कहा कि अपने इस लेख पर अटल है. मुख्य संपादक डेविड ग्रेंजर ने कहा कि एडमिरल विलियम फ़ेलॉन का इस्तीफ़ा और उसके बाद का घटनाक्रम पत्रिका की इस बेबाक रिपोर्टिंग का परिणाम है जो उसने ईरान नीति के बारे में अमरीका की मध्य कमान और राष्ट्रपति कार्यालय के बीच मतभेदों पर की है. कुछ प्रमुख डेमोक्रेट्स ने आशंका व्यक्त की है कि व्हाइट हाउस ने ईरान नीति पर असहमति के स्वरों को दबाने की कोशिश की है. सीनेट में बहुमत के नेता हैरी रीड ने कहा, "मैं यह सोचकर चिंतित हूँ कि एडमिरल विलियम फ़ेलॉन का इस्तीफ़ा इस बात का एकर और उदाहरण है कि इस प्रशासन में निष्पक्ष और बेबाक विचार व्यक्त करने का स्वागत नहीं किया जाता है." लेकिन रक्षा मंत्रालय के प्रेस सचिव ज्यॉफ़ मोरेल का कहना है कि "लोगों को इस घटना को पेंटागन के भीतर अपने विचार व्यक्त करने की क़ीमत के तौर पर नहीं देखना चाहिए." | इससे जुड़ी ख़बरें मध्यपूर्व में अमरीकी कमांडर का इस्तीफ़ा12 मार्च, 2008 | पहला पन्ना ईरान प्रतिबंधों से नहीं डरता: अहमदीनेजाद23 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान में संकट नहीं: नैटो08 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना 'अफ़ग़ानिस्तान के कारण नैटो पर ख़तरा'07 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना 'नाकामी के गंभीर नतीजे हो सकते हैं'07 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना 'ईरान के ख़तरे से जल्द निबटना होगा'13 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना ईरान को अमरीका की चेतावनी07 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना 'इराक़ में नए अमरीकी लक्ष्य की ज़रुरत'30 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||