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अहमदीनेजाद इराक़ जाएंगे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद अगले महीने यानी मार्च में इराक़ की यात्रा पर जाएंगे और किसी ईरानी राष्ट्रपति की यह बिल्कुल पहली इराक़ यात्रा होगी. दो मार्च को शुरू होने वाली दो दिन की इस यात्रा के दौरान संभावना है कि महमूद अहमदीनेजाद इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालाबानी और प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी से मुलाक़ात करेंगे. ईरान और इराक़ के बीच 1980 युद्ध शुरू हुआ था जो 1988 तक चला था और इस भीषण युद्ध के दौरान लगभग दस लाख लोग मारे गए थे. उस समय इराक़ के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन थे. वर्ष 2003 में अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद सद्दाम हुसैन की सरकार गिरने और शिया बहुल सरकार बनने के बाद इराक़ और ईरान के संबंधों में कुछ बेहतरी आई है. इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालाबानी और प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी दोनों ही साल 2007 में ईरान की यात्रा कर चुके हैं. तेहरान में बीबीसी संवाददाता जॉन लाइन का कहना है कि महमूद अहमदीनेजाद की इराक़ यात्रा अगर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती है तो इससे दोनों देसों के बीच दोनों देशों के बीच सुलह-सफ़ाई का नया दौर शुरू होने की संभावना है. इराक़ी सरकार एक प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच आपसी संबंधों और संयुक्त परियोजनाओं पर बातचीत होगी, यह इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इराक़ ईरान के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं. लेकिन प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ईरान को इराक़ के अंदरूनी मामलों में दख़ल देने की इजाज़त नहीं दी जाएगी और उसे इराक़ के इस अधिकार का सम्मान करना चाहिए कि इराक़ को किसी भी देश के साथ अपने मनपसंद संबंध रखने का अधिकार है. अमरीका ईरान पर आरोप लगाता रहा है कि वह इराक़ में विद्रोहियों को मदद दे रहा है लेकिन ईरान सरकार इन आरोपों का खंडन करती है और वह सिर्फ़ सकारात्मक भूमिका निभा रही है. बातचीत टली इस बीच ईरान ने इराक़ी सुरक्षा मुद्दे पर अमरीका के साथ बातचीत को टाल दिया है और इसके लिए कोई कारण नहीं बताया गया है. यह बातचीत शुक्रवार को शुरू होने वाली थी. अमरीकी और ईरानी अधिकारी इराक़ के हालात बेहतर बनाने के उपायों पर विचार करने के लिए साल 2007 में तीन बार बातचीत कर चुके हैं. यह एक ऐसा फ़ोरम है जिसके ज़रिए अमरीका और ईरान एक दूसरे से बातचीत कर पा रहे हैं क्योंकि 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति होने के बाद अमरीका ने ईरान से संबंध तोड़ दिए थे. अमरीकी दूतावास की प्रवक्ता मीरान्बी नैन्टोन्गो ने कहा, "हम बातचीत के इरादे से एक साथ बैठने पर प्रसन्न हैं लेकिन ऐसा साफ़ नज़र आ रहा है कि ईरान बातचीत से ख़ुश नहीं है." | इससे जुड़ी ख़बरें अहमदीनेजाद की कड़ी चेतावनी22 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना ईरान में 'अनुशासन' की गाज17 जून, 2007 | पहला पन्ना 'ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा'26 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'ब्रेक और रिवर्स गियर नहीं है' 25 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना अहमदीनेजाद परमाणु कार्यक्रम पर अड़े23 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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