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ग़ज़ा शहर अंधकार में डूबा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि इसराइली प्रतिबंध जारी रहने से ग़ज़ा का एकमात्र बिजली केंद्र बंद करना पड़ा है और पूरा शहर अंधकार में डूब गया है. हमास के नियंत्रण वाले ग़ज़ा पट्टी के इकलौते बिजली उत्पादन केंद्र में इंधन ख़त्म हो जाने के कारण उसे बंद करना पड़ा. इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी से अपनी सीमा में लगातार हो रहे रॉकेट हमलों के बाद सीमा बंद कर दी है. इसके कारण इंधन और ज़रूरी साजो-सामान की आपूर्ति भी बाधित हो गई है. दूसरी ओर इसराइल का कहना है कि ग़ज़ा पट्टी में पर्याप्त इंधन मौजूद है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि ग़ज़ा के 15 लाख निवासियों के लिए संकट की घड़ी आने वाली है. प्राप्त सूचनाओं के मुताबिक शहर के लोग ज़्यादा से ज़्यादा मोमबत्तियाँ और बैटरियाँ ख़रीद कर जमा कर रहे हैं. अभी फिलहाल आठ लाख लोग अंधेरे में चले गए हैं. लेकिन इस संकट का असर अस्पतालों, दवा दुकानों और फैक्टरियों पर सबसे अधिक पड़ेगा. बिजली संयंत्र के निदेशक रफ़ीक मलीहा ने बताया कि इसराइल से नियमित इंधन आपूर्ति बंद होने के कारण टरबाइन बंद करने पड़ रहे हैं. अभी ग़ज़ा में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है और बिजली की माँग अपने चरम पर है. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल ने ग़ज़ा चौकी बंद की18 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना इसराइली टैंक ग़ज़ा में घुसे11 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना ग़ज़ा पट्टी 'दुश्मन' क्षेत्र घोषित19 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना जॉन्स्टन की रिहाई का वीडियो देखिए04 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना इसराइल फ़तह के बंदियों को रिहा करेगा25 जून, 2007 | पहला पन्ना इसराइल का फ़लस्तीनी प्रशासन से संपर्क20 जून, 2007 | पहला पन्ना जॉन्स्टन की रिहाई के लिए अल्टीमेटम18 जून, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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