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इसराइल का फ़लस्तीनी प्रशासन से संपर्क | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल की विदेश मंत्री ने नए फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री से फ़ोन पर बातचीत की है जिसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच औपचारिक संपर्क स्थापित हुआ है. इसराइली विदेश मंत्री ज़िपी लिवनी ने फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री सलाम फ़ैय्याद से कहा कि नई फ़लस्तीनी सरकार के गठन से कई मुद्दों पर आगे बढ़ने में दोनों पक्षों को मदद मिलेगी. इसराइल ने 2006 में हुए चुनाव में हमास की जीत के बाद फ़लस्तीनी प्रशासन से संपर्क तोड़ लिया था. उधर इसराइल ने कहा है कि वो ऐसे कुछ फ़लस्तीनी लोगों को इसराइल में प्रवेश करने की इजाज़त देगा जो चिकित्सा मदद के लिए ग़ज़ा से बाहर आने की कोशिश कर रहे हैं. ग़जा़ पर हमास का नियंत्रण होने के बाद से ही कई लोग इरेज़ सीमा चौकी पर फँसे हुए थे. इसराइल में प्रवेश इसराइल के एक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इन लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधाएँ दी जाएँ. अब इसराइली रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन लोगों को उपचार की ज़रूरत है उन्हें भर्ती कराया जाए. सुरक्षा कारणों की वजह से इन लोगों को इसराइल आने नहीं दिया जा रहा था. एक इसराइली प्रवक्ता ने कहा है कि ये लोग घर वापस आ सकते हैं. उनका कहना था, "इन लोगों के घर वापस आने में कोई अड़चन नहीं है. बल्कि कई लोग तो वापस आ भी चुके हैं. हमास ने भी कहा है कि वो ऐसे लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाएगा. इस बीच संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अगर इसराइल खाद्य सामग्री आने की अनुमति नहीं देता तो अगले सात से 10 दिनों में ग़ज़ा में खाने-पीने की चीज़ें ख़त्म हो जाएँगी. करनी सीमा चौकी पर क़रीब 100 डिब्बे पड़े हुए हैं जिनमें खाद्य सामग्री है. | इससे जुड़ी ख़बरें अब्बास के समर्थन में बुश और ओल्मर्ट19 जून, 2007 | पहला पन्ना अमरीका आर्थिक मदद शुरु करेगा18 जून, 2007 | पहला पन्ना हमास से बातचीत करने का आग्रह18 जून, 2007 | पहला पन्ना यूरोपीय संघ आर्थिक मदद बहाल करेगा18 जून, 2007 | पहला पन्ना नई फ़लस्तीनी सरकार ने शपथ ली17 जून, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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