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कीनिया में फिर प्रदर्शनों के आसार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कीनिया के मुख्य विपक्षी दल ऑरेंज डेमोक्रेटिक मूवमेंट (ओडीएम) ने घोषणा की है कि दिसंबर में हुए विवादास्पद राष्ट्रपति चुनाव के बाद देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों की तरह फिर से प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे. अफ़्रीकी यूनियन के अध्यक्ष और घाना के राष्ट्रपति जॉन कुफ़ोर के मध्यस्थता प्रयासों के नाकाम होने के बाद विपक्षी दल ओडीएम ने ये घोषणा की है. विपक्षी नेता राइला ओडिंगा को राष्ट्रपति म्वाऊ किबाकी से मिलने के लिए मनाने में नाकाम रहने के बाद कुफ़ोर वापिस चले गए हैं. चुनाव में कथित धांधली को लेकर हुए उग्र विरोध प्रदशनों में लगभग 600 लोग मारे गए थे और पुलिस ने रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया था. ओडीएम के एक सूत्र ने समाचार एजेंसी रायटर को बताया कि अगले बुधवार को ओडीएम के सदस्य राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों की अपनी योजना की जानकारी देने के लिए नैरोबी के एक पुलिस स्टेशन की ओर मार्च करेंगे. ओडीएम के प्रवक्ता सलीम लोन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि उनका मानना है कि सरकार मध्यस्थता के ज़रिए देश में संकट के समाधान की इच्छुक नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों के बारे में अधिक जानकारी की घोषणा बाद में की जाएगी. राजनयिक प्रयास अमरीकी राजनयिक जेंडाई फ्रेज़र और चार पूर्व अफ्रीकी राष्ट्रपति संकट को समाप्त करने के प्रयासों के लिए कीनिया पहुंचे थे. घाना के राष्ट्रपति जॉन कुफ़ोर लौटने से पहले सकारात्मक नज़र आए. उन्होंने कहा कि संयुक्त राषट्र के पूर्व महासचिव कोफ़ी अन्नान अफ्रीका की विशिष्ट हस्तियों के एक पैनल के साथ आगे के मध्यस्थता प्रयासों का नेतृत्व करेंगे. ओडिंगा का दावा है कि उन्हें जीत से वंचित किया गया है. उनकी मांग है कि किबाकी को अपना पद छोड़ देना चाहिए. यूरोपीय यूनियन के पर्यवेक्षकों का कहना है कि मतों को जोड़ने के तरीके को लेकर आशंका है. उधर किबाकी ने अपने सभी प्रमुख मंत्रियों को शपथ दिला दी है और उनका कहना है कि चुनाव ‘समाप्त’ हो चुका है. मंत्रिमंडल में कुछ छोटे पदों को भरा जाना बाकी है जिससे राष्ट्रीय एकता वाली संभावित सरकार का रास्ता अभी खुला है. ओडिंगा ने हालांकि किबाकी के नेतृत्व में सत्ता में भागीदारी करने से इनकार कर दिया है. ओडिंगा का कहना है कि वो बिना मधयस्थों के राष्ट्रपति से नहीं मिलेंगे. किबाकी ने इस शर्त को अस्वीकार कर दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें कीनिया में राष्ट्रीय सरकार के संकेत05 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना 'कीनिया में गंभीर मानवीय संकट'05 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा02 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना 'कीनिया में भारतीय सुरक्षित हैं'02 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया में 30 लोगों को ज़िंदा जलाया गया01 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया में हिंसा, 43 की मौत31 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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