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'बार' में सिगरेट नहीं, क़तई नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ्रांस और जर्मनी की राजधानी में नए वर्ष में 'बार' में सिगरेट पीने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है लेकिन धूम्रपान करने वालों को शायद यह ख़बर सुनकर राहत महसूस होगी कि यह क़ानून तुरंत प्रभावी नहीं होगा. बर्लिन सहित जर्मनी के आठ राज्यों ने वर्ष 2008 में 'पब' और 'रेस्तराओं' को 'स्मोक फ्री' यानी सिगरेट के धुँए से मुक्त बनाने का निश्चय किया है. जर्मनी में क़रीब एक तिहाई लोग सिगरेट पीते हैं, इस कारण अधिकारियों ने वर्ष 2008 के शुरू के छह महीनों में इस क़ानून को सक्रिय रूप से लागू नहीं करने का निश्चय किया है. बदलता नज़रिया फ्रांस में सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट नहीं पीने के क़ानून का दायरा 'बार', रेस्तराओं और होटलों तक बढ़ा दिया गया है. पेरिस के एक पत्रकार हूग सोफ़ील्ड कहते हैं कि हाल के वर्षों में सिगरेट पीने को लेकर लोगों के नज़रिए में काफ़ी बदलाव आया है. इस वज़ह से ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस प्रतिबंध का लोग पालन करेंगे. फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ने नए वर्ष के उत्सवी माहौल को देखते हुए सिगरेट पीने वालों को 24 घंटे की 'छूट' दी. इसके बाद यदि किसी को इन सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पीते हुए देखा गया तो उन पर 450 यूरो तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. जबकि इन जगहों पर सिगरेट पीने वालों की अनदेखी करने वालों पर 750 यूरो तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. फ्रांस में कुल जनसंख्या छह करोड़ 70 लाख है. इनमें क़रीब एक करोड़ 35 लाख लोग सिगरेट पीते हैं.
जर्मनी के रेस्तराओं और पबों ने इस क़ानून का तीखा विरोध किया है. वे इसे सिर्फ़ आय में होने वाली कमी से ही जोड़ कर नहीं देखते बल्कि उनका मानना है कि अडोल्फ हिटलर के नाज़ी शासन के दौर में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी. मामले की नज़ाकत को भाँपते हुए अधिकारियों ने सिगरेट पीने वालों के लिए अलग से विशेष कमरों की व्यवस्था करने का निश्चय किया है. लेकिन जर्मनी के बावेरिया में सिगरेट पीने वालों के लिए ऐसे किसी कमरे की व्यवस्था नहीं की जाएगी. सांस्कृतिक बदलाव प्रसिद्ध लेखकों, कलाकारों और दार्शिनकों का जमघट फ्रांस के रेस्तराओं में वर्षो से लगता रहा है. उनके बीच सिगरेट पीना आम बात है. ऐसे में इस प्रतिबंध को एक सांस्कृतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. लेकिन यह प्रतिबंध सड़कों के किनारे लगी मेज़ों और खुली जगहों में बने रेस्तराओं पर लागू नहीं होगा. इसी तरह के प्रतिबंध ब्रिटेन, आयरलैंड, इटली और स्पेन जैसे देशों में भी है. आयरलैंड पहला यूरोपीय देश था जहाँ वर्ष 2004 में काम करने के स्थान, पब और रेस्तराओं में पूरी तरह से सिगरेट पीने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. वर्ष 2007 में लिथुआनिया में 'बार' और कैफ़े में सिगरेट पीने को ग़ैरक़ानूनी क़रार दिया गया था. इस क़ानून को वहाँ के अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी लागू कर दिया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रिटेन में धूम्रपान पर लगी पाबंदी14 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना धूम्रपान छुड़ाने वाला टीका21 जून, 2002 | पहला पन्ना 'सिगरेट पीने वालों को नौकरी नहीं मिलेगी'02 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंग्लैंड में लागू हुआ धूम्रपान प्रतिबंध01 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना धूम्रपान पर ऐतिहासिक समझौता27 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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