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'खाड़ी देशों,अमरीका पर हमले का ख़तरा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने चेतावनी दी है कि खाड़ी देशों और अमरीका के आर्थिक ठिकानों पर नए चरमपंथी हमले हो सकते हैं. उन्होंने बहरीन में आयोजित सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि भारतीय ख़ुफ़िया रिपोर्ट के मुताबिक अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर अल क़ायदा के नए प्रशिक्षण केंद्र खुले हैं. एमके नारायणन ने कहा कि इन केंद्रों में 14 अलग-अलग देशों से आए चरमपंथियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिनकी पहचान हुई है. उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि इन केंद्रों में दिया जा रहा गहन प्रशिक्षण खाड़ी देशों के लिए ख़तरनाक साबित हो सकता है. अमरीका को भी चेतावनी नारायणन का कहना था कि इन चरमपंथियों के निशाने पर आला दर्जे के राजनीतिज्ञ और खाड़ी क्षेत्र में स्थित आर्थिक ठिकाने शामिल हैं.
इन ठिकानों में तेल पाइपलाइन, भंडार डिपो, बिजली केंद्र और समुद्री टैंकर शामिल हो सकते हैं. भारतीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा है कि अल क़ायदा इस क्षेत्र में योजनाओं का विस्तार, धन इकट्ठा करने और हथियारों की आपूर्ति में लगा हुआ है. उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण केंद्र अंतरराष्ट्रीय चरमपंथियों की नई पीढ़ी को जन्म दे रहे हैं. ग़ौरतलब है कि एमके नारायणन ने ही कुछ माह पहले ये चेतावनी दी थी कि भारत में तेज़ी से ऊपर उठ रहे शेयर बाज़ारों में भी चरमपंथी संगठन पैसा लगा रहे हैं. उनके इस बयान के बाद हाल ही में वित्त मंत्री चिदंबरम ने भी भारतीय संसद में इस तरह की चुनौती की बात की. | इससे जुड़ी ख़बरें 'शेयर बाज़ार से जुड़े आतंक के तार'04 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस ओसामा बिन लादेन का नया टेप आया29 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना सीआईए ने पूछताछ के टेप नष्ट किए07 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना भारत ने सीमा पर चौकसी बढ़ाई11 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस एहतियाती क़दम उठाए जाएँगे- मनमोहन15 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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