|
'परमाणु रिपोर्ट ईरान की जीत' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि उनके देश के परमाणु कार्यक्रम के बारे में आई ताज़ा अमरीकी रिपोर्ट देश के लिए एक "महान जीत" है. राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने बुधवार को टेलीविज़न पर संबोधन में कहा कि ईरान शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के अपने रास्ते से पीछे नहीं हटेगा. अहमदीनेजाद ने ईरान के पश्चिमी प्रांत इलाम में हज़ारों लोगों के सामने टेलीविज़न पर यह संबोधन किया. उन्होंने कहा, "यह रिपोर्ट... ईरानी राष्ट्र के लिए उसके परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर तमाम अंतरराष्ट्रीय ताक़तों के ख़िलाफ़ एक जीत का ऐलान करती है. आपने अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों की यह रिपोर्ट देखी है. उन्होंने बिल्कुल साफ़-साफ़ कहा है कि ईरानी लोग न्यायसंगत रास्ते पर चल रहे हैं." अहमदीनेजाद ने इस रिपोर्ट को "आख़िरी झटका" क़रार देते हुए चेतावनी के अंदाज़ में कहा, "अगर वे लोग फिर से नया खेल शुरू करना चाहते हैं तो ईरानी लोग उसका मुक़ाबला करेंगे और एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे." उन्होंने कहा, "अगर वो हमसे एक दुश्मन की तरह बातचीत करना चाहते हैं तो ईरानी लोग पूरी ताक़त के साथ मुक़ाबला करेंगे और उन पर जीत हासिल करेंगे लेकिन बातचीत अगर यह दोस्ती और सहयोग के आधार पर होती है तो ईरानी लोग अच्छे दोस्त साबित होंगे." सोमवार को जारी अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों की रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान ने अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम 2003 में बंद कर दिया था और अब वह परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश नहीं कर रहा है. अमरीका और उसके यूरोपीय सहयोगी देश ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने के लिए ज़ोर डाल रहे हैं जबकि चीन ने कहा है कि ताज़ा रिपोर्ट ने ईरान के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंध लगाने की वैधता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने मंगलवार को कहा था, "ईरान अब भी एक ख़तरा बना हुआ है और उनकी इस राय में कोई बदलाव नहीं आया है कि परमाणु हथियारों से लैस ईरान एक ख़तरा होगा." अमरीका की एक महत्वपूर्ण ख़ुफ़िया एजेंसी नेशनल इंटेलीजेंस एस्टीमेट (एनआईई) ने हाल ही में एक रिपोर्ट में "उच्च विश्वास" के साथ कहा था कि उसका भरोसा है कि ईरान ने अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम वर्ष 2003 में रोक दिया था लेकिन वह यूरेनियम संवर्धन अब भी कर रह ाहै. उधर अमरीका सरकार ने ईरान के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंध लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में तीसरा प्रस्ताव लाने का आहवान किया है लेकिन संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत वांग ग्वांग्या ने कहा है, "चीज़ें अब बदल चुकी हैं" और ईरान के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंध लगाने की कोशिशों पर सवाल उठाने की ज़रूरत है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अमरीका ईरान नीति पर पुनर्विचार करे'04 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना 'ईरान पर दबाव बना रहे'04 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना 'अमरीका ने ईरान का ख़तरा ज्यादा आंका'03 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना ईरान पर और प्रतिबंध की तैयारी01 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना ईरान ने 'डिज़ाइन' की प्रति आईएईए को दी14 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना यूरोपीय संघ और ईरान में बातचीत30 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||